उप निदेशक रक्षा संपदा पहुंचे रानीखेत, नामित सदस्य मोहन नेगी ने गिनाई छावनी नागरिकों की समस्याएं

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रानीखेत -उपनिदेशक रक्षा संपदा मध्य कमान लखनऊ के रानीखेत छावनी कार्यालय पहुंचने पर छावनी के नामित सदस्य मोहन नेगी ने छावनी कार्यालय में उनसे मुलाकात कर रानीखेत छावनी की समस्याओं से अवगत कराया तथा समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन दिया।

नामित सदस्य नेगी ने कहा कि रानीखेत छावनी क्षेत्र में वर्षों से निवास कर रहे लोगों को ब्रितानी शासकों ने नॉमिनल लीज पर 30 वर्षों के लिए खेती फल व सब्जी उत्पादन हेतु भूमि प्रदान की थी, जिससे उन्हें ताजी सब्जियां फल यही उपलब्ध हो जाते थे। लेकिन 100 वर्षों के बाद आजाद भारत में अब न तो लीज का नवीनीकरण किया जा रहा है ना ही लीज धारक भूमि पर गौ पालन व सब्जी उत्पादन कर पा रहे हैं। लीज पॉलिसी ना होने से मात्र 1 वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जा रहा है व लीज रेंट भी बहुत अधिक मात्रा में वसूलने हेतु नोटिस दिए जा रहे हैं। लीज पॉलिसी व रेंट नीति बनाई जाए।

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उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश में जलकर पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया है। लेकिन प्रदेश की नौ छावनियों में से एक रानीखेत छावनी में गृह कर के बराबर ही जलकर लिया जा रहा है व निजी जल संयोजन होने पर जलकर के साथ ही निजी जल संयोजन का टैक्स भी लिया जाता है। जिसे समाप्त किया जाना आवश्यक है।

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छावनी अंतर्गत क्षेत्र में छावनी का किराया हर वर्ष काफी बढ़ाया जा रहा है। जबकि रानीखेत का व्यवसाय निरंतर गिर रहा है, गिरते व्यवसाय के कारण लोग देयकों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। अतः छावनी के किराए को 10 वर्षों के लिए ना बढ़ाया जाए। अवगत करा दें कि कोविड काल में भी सभी जगह किराए में राहत दी गई , लेकिन छावनी क्षेत्र में कोई राहत नहीं दी गई।

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रानीखेत में वर्षों से छावनी लीज भूमि के दाखिल खारिज नहीं हो रहे हैं जिससे लोग काफी परेशान हैं। छावनी की कई बी4 भूमि को C क्लास में परिवर्तित करने के प्रस्ताव मध्य कमान में लंबित है जिन्हें जनहित में क्लास सी में परिवर्तित करना आवश्यक है।
उपनिदेशक रक्षा सम्पदा अजय कुमार ने सभी समस्याओं के मध्य कमान के प्रिंसिपल डायरेक्टर को अवगत कराने का आश्वासन दिया है। साथ में कैंट सीईओ कुणाल रोहिला भी उपस्थित थे।