जीएमओ की बस से अधिकारियों के साथ जनता दरबार में पहुँचे डीएम साहब, अनुकरणीय पहल की जमकर हो रही तारीफ

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राज्य में एक डीएम ऐसे भी है जिन्होंने सरकारी मित व्ययता की मिसाल पेश की है।सरकारी वाहनों की अनावश्यक रेलमपेल और फिजूलखर्ची से बचने के लिए डीएम साहब अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ जीएमओ की बस से जनता दरबार में पहुंचे।उनके इस अभिनव और अनुकरणीय फैसले की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

यहां बात हो रही है रुद्रप्रयाग जिले में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की जो अपने शालीन व्यवहार और अनूठे कार्यों से जनता की सराहना अर्जित कर रहे हैं। यहां जिलाधिकारी दीक्षित और सभी अधिकारी जीएमओ की बस से एक साथ सफर कर जनता दरबार मे पहुँचे। अब यह हमेशा होगा। इसका सीधा संदेश उत्तराखंड ही नही बल्कि देश की पूरी सरकारी मशीनरी के लिए है की जनता के पैसे का अनावश्यक खर्च को इस तरह रोका जा सकता है और आपसी समन्वय से कार्य करने की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की कार्यशैली जनता को काफी प्रभावित कर रही है। एक ओर जनता के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार तो वहीं दूसरी ओर जन समस्याओं के निराकरण के लिए डीएम लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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गुरुवार को डीएम मयूर दीक्षित ने ऐसी पहल शुरू की जो प्रदेशभर के लिए प्ररेणास्रोत बनी है। मनसूना में होने वाले सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में डीएम ने बस की व्यवस्था कराई और अफसरों के साथ स्वयं बस में सवार होकर मनसूना पहुंचे।

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जब इस बारे मे उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा की सरकारी फिलूखर्चे पर अंकुश लगाने के साथ ही बिना वजह बड़ी संख्या में सरकारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए यह कदम उठाया। करीब 3 दर्जन से अधिक अफसरों के साथ डीएम मनूसना पहुंचे। इस तरह की अनोखी पहल पहली बार देखने को मिली। जिससे जनता, अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के बुद्धिजीवी वर्ग में खुशी है। उन्होंने कहा कि यह जिलाधिकारी की अलग सोच है जिसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।

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