1980 से पहले के निवासी ही उत्तराखंड के मूल निवासी माने जाएं-यूकेडी

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नैनीताल :-उत्तराखंड क्रांति दल के शीर्ष नेताओं ने आज रविवार नैनीताल क्लब में एक प्रेस वार्ता कर उत्तराखंड भू कानून को आर्टिकल 371 में शामिल करने और वर्ष 1980 से पूर्व निवास करने वालों को ही उत्तराखंड का मूल निवासी मानने की मांग उठाई है।
यूकेडी के संरक्षक एवं पूर्व केन्द्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि वर्ष 2002 के विधानसभा सत्र में हमारे दल ने भू कानून को संविधान के आर्टिकल 371 में शामिल करने का मुद्दा उठाया था इतना ही नहीं ,प्रदेश को भू माफियाओं से बचाए जाने के लिए दल हमेशा ही आवाज उठाता रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में भू माफियाओं न घेराबंदी शुरू कर दी।काशी सिंह ऐरी ने कहा कि सरकार की अनुमति से भी बाह्य लोगों को भूमि बेचने पर प्रतिबंध होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह हमारे ही घर में हमारी भूमि बिकती रही तो एक दिन ही हमारी जडे़ खत्म हो जाएंगी। यूकेडी नेताओं ने वर्ष 1980 से पहले उत्तराखंड में निवास करने वालों को मूल निवासी प्रमाण-पत्र जारी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा सरकार ने इन 20 वर्षो में भू माफियाओं को राज्य में पनाह दी है।भूमि संबंधी नीति भी कमजोर और जानबूझकर भू माफियाओं का हितपोषण करने वाली बनायी गई है। यूकेडी नेताओं ने भू कानून को लेकर सोशल मीडिया पर युवाओं की भूमिका को सुखद बताया कहा अपनी माटी, अपनी जडो़ं के प्रति युवाओं की जागरुकता उत्तराखंड के लिए अच्छा संकेत है।प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक नारायण जंतवाल,पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी,चंद्रशेखर कापडी़,प्रकाश पांडे,अम्बादत्त बावडी़,आदि मौजूद रहे।

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