अब अग्निशमन कर्मियों को टिनशेड से मिलेगी निजात, मिलेगा पक्का आवास-कार्यालय, निदेशक ने दिए भूमि को जीएल आर में दर्ज करने के निर्देश
रानीखेत। रानीखेत में लम्बे समय से टीनशेड में चल रहे अग्नि शमन कार्यालय को जल्दी ही रानीखेत में कार्यालय और आवास हेतु भूमि मिल जाएगी। रानीखेत लालकुर्ती स्थित भूमि विभाग के नाम GLR में अंकित कर दी जाएगी। ये बात रक्षा सम्पदा विभाग के निदेशक डॉ डी एन यादव ने एक पत्र रक्षा सम्पदा अधिकारी को प्रेषित कर लिखी है। उन्होंने पत्र में रक्षा सम्पदा अधिकारी से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिला स्थित छावनी में अग्नि शमन हेतु भूमि को विभाग के नाम जीएलआर में अंकित करने को कहा है। उन्होंने इसकी प्रतिलिपि एसएसपी अल्मोड़ा व महानिदेशक को भी प्रेषित की है।
रानीखेत के आस पास की तहसीलों का एकमात्र अग्नि शमन विभाग भूमि के अभाव में लम्बे समय से टीनशेड में चल रहा है। जिससे वह कार्यरत अग्नि शमन अधिकारी व कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गर्मी व ठण्ड में कर्मचारियों को हो रही परेशानी को दखते हुए छावनी परिषद् के पूर्व उपाध्यक्ष व वर्तमान नामित सदस्य मोहन नेगी द्वारा लम्बे समय से रक्षा सम्पदा अधिकारी बरेली व प्रधान निदेशक को कई पत्र प्रेषित कर इस लीज भूमि को विभाग के नाम जीएलआर में अंकित करने की मांग कर रहे थे। भूमि के जीएलआर में अंकित ना होने से विभाग को कार्यालय, आवास, वाहनों के गैराज व पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। अब जीएलआर में नाम आने के बाद कार्यालय, आवास, वाहनों के लिए भवन निर्माण हो सकेगा जिससे क्षेत्र में घटना के समय कर्मचारी तत्परता से कार्य कर सकेंगे।
रक्षा सम्पदा विभाग लखनऊ द्वारा अग्नि शमन विभाग को लीज भूमि अंकित करने पर मोहन नेगी व संजय पंत ने उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया है।


रानीखेत में प्रस्तावित दो बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाओं की राज्य सचिवालय में हुई समीक्षा,₹861.73 लाख व ₹480.23 लाख के आगणन पर सहमति
ख्यूशालकोट में सोलर पंपिंग सिंचाई योजना का भूमि पूजन, 60 परिवारों को मिलेगा लाभ
रानीखेत विधानसभा में कांग्रेस ने कसी कमर, ताड़ीखेत विकासखण्ड के न्याय पंचायत प्रभारियों की नियुक्ति
सीमांत मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल, रानीखेत में हरेला पर्व पर वृहद रुप से वृक्ष पौधों का किया गया रोपण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रानीखेत के तत्वावधान में हैड़ाखान मंदिर परिसर में हुआ वृहद वृक्ष पौंधारोपण,सौ से अधिक वृक्ष पौंध रोपे गए