कोरोना टेस्ट घोटाला:रानीखेत में आप ने किया “घडा़फोड़ ” प्रदर्शन

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रानीखेत- आम आदमी पार्टी ने हरिद्वार कुम्भ के दौरान हुए कोरोना टेस्ट घोटाले को लेकर मुखर विरोध शुरू कर दिया है। इसे लेकर आज आप कार्यकर्ताओं ने रानीखेत में भाजपा कार्यालय के आगे यह कहते हुए कि बीजेपी के पाप का घडा़ भर चुका है सांकेतिक रूप से घडा़ फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया।इस मौके पर आप नेताओं ने कहा कि कोविड टेस्ट घोटाले से देश-विदेश में भारत की छवि धूमिल हुई है क्यों कुम्भ एक वैश्विक पर्व है जिसमें विश्व भर से लोग आते हैं।
वक्ताओं ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि बीजेपी के राज में हुए इस घोटाले में उसके नेताओं और अफसरों की भूमिका स्पष्ट तौर पर उजागर हुई है। उन्होंने कहा कि इस बड़े घोटाले न्यायिक जांच किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए ताकि जांच में तेजी आए और वह दबाव रहित हो । इसके साथ मुख्यमंत्री को पूरे प्रदेश में कोरोना जांच का ऑडिट कराना चाहिए और खुद स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते नैतिक आधार पर अपना इस्तीफा देना चाहिए।
आप नेताओं ने कहा कि बीजेपी की सरकार में उनके अपने लोग इस आपदा में भी अवसर ढूंढ रहे हैं इनका केवल चेहरा बदला है चरित्र नहीं ,चाहे निशंक सरकार के समय कुंभ का सबसे बड़ा 400 करोड़ का घोटाला हो या अभी कोरोना जांच का घोटाला हो। ये सरकार पूरी तरह घोटालों में डूब चुकी है ।प्रदर्शन के दौरान सीएम के इस्तीफे की मांग के साथ कोरोना टेस्ट घोटाले की जांचके साथ सभी पूर्व घोटालों का ऑडिट किए जाने की मांग भी कार्यकताओं की ओर से की गई ।उहोनें कहा कि कोरोना महामारी से निपटने में नाकाम रही बीजेपी सरकार ने एक तरफ जनता के सामने झूठे आंकड़े रखकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की वहीं दूसरी तरफ इनके अधिकारी और नेताओं ने मिलकर इस इतने बड़े घोटाले को अंजाम दिया जिसका प्रमाण एसडीसी फाउंडेशन(सोशल डिवेलपमेंट फार कम्यूनिटीज फाउंडेशन ) से मिलता है जो शुरू से हरिद्वार आंकड़ों पर सरकार पर सवाल उठा रही थी।एसडीसी फाउंडेशन ने 1 से 30 अप्रैल के बीच पूरे प्रदेश में हुए कोरोना टेस्टों का विश्लेषण किया जिनमें हरिद्वार में 600291 जांच में 17335 मामले पॉजिटिव आए जबकि इस दौरान अन्य 12 जिलों में कुल 442432 टेस्ट हुए जिनमें 62775 मामले पॉजिटिव आए। आंकड़े साफ तौर पर हरिद्वार में टेस्ट के नाम पर बड़े घोटाले की और इशारा कर रहे हैं। जिस फर्म को सरकार ने जांच के लिए अनुबंधित किया था उसी से मिलकर नेताओं और अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा किया जिसमें 700 लोगों के नाम पर एक ही मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड किया,हजारों मोबाइल नंबर जो रजिस्टर्ड थे वो गलत निकले।अलग अलग शहरों में रहने वालों का एक ही नंबर रजिस्टर्ड किया जो सीधे तौर पर सरकार की लापरवाही बताती है। यही नहीं फर्जी नेगेटिव जांच रिपोर्ट के इस खेल में सरकार ने देश विदेश से आए लाखों यात्रियों का जीवन खतरे में डाल दिया और पूरे देश और प्रदेश में कोरोना संक्रमण फैलाने की जमीन भी तैयार की जिसकी कीमत हजारों लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई। मुख्यमंत्री तीरथ रावत को तत्काल इस अपराध की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और बीजेपी पार्टी को प्रदेश की जनता से माफी भी मांगनी चाहिए जो उन्होंने पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत फिर तीरथ सिंह रावत को प्रदेश की जनता पर थोपा जिन्होंने कोरोना महामारी में लोगों की जान बचाने के बजाय उनको मौत के मुंह में धकेलने का काम किया। इसके अलावा बीजेपी के कई नेता इस घोटाले में शामिल हैं जिनके फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। दोनों मुख्यमंत्री इस घोटाले को अपने कार्यकाल का नहीं कह कर ये मान चुके है कि घोटाला हुआ है । अब सीएम तीरथ को स्वास्थ्य मंत्री होने के साथ साथ इस घोटाले पर नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रदर्शन में आप के वरिष्ठ नेता अतुल जोशी संगठन मंत्री संजीव जोशी, संस्थापक सदस्य जगदीश जोशी, आप सोशलमीडिया प्रभारी प्रशांत बिष्ट, ,मो. सारीक़, विक्रम भंडारी, विशाल पार्छे, नाज़िर खान, अब्दुल रज़्ज़ाक, मनीष कुमार, गुडू आदि मौजूद रहे।

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