ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के आंदोलन के समर्थन में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि भी सड़क पर उतरे,किया धरना -प्रदर्शन

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मुनस्यारी: प्रदेश में चल रहे ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के आंदोलन के समर्थन में आज त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि भी सड़क पर उतर गए।पंचायत प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-देकर प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ़ नारेबाजी की। इस दौरान तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।


पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि राज्य में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के आंदोलन से पंचायतों के कार्य ठप पड़ गये है। आम आदमी इस हड़ताल से त्रस्त हो गया है। सरकार मौन व्रत धारण कर उदासीन बैठी हुई है इसीलिए पंचायत राज संस्थाओं को खत्म करने की सरकार की मंशा के खिलाफ क्षेत्र के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्यों ने आंदोलन का बिगुल बजा दिया।

इस अवसर पर हुई संभा में धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जिपंस जगत मर्तोलिया ने कहा कि विधायी व्यवस्था ने हमेशा पंचायतों को कमजोर करने का काम किया। उन्होंने कहा कि इस बार तो धामी सरकार के नौकरशाह सरकार के संरक्षण में पंचायतों का अस्तित्व को ही समाप्त करने पर आ गई है। उन्होंने कहा कि दो पंचायत विरोधी शासनादेश को सरकार तत्काल प्रभाव से वापस ले, अन्यथा सड़कों पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
धरना- प्रदर्शन में ग्राम प्रधान पंकज सिंह बृजवाल, सुरेन्द्र बृजवाल, मनोज मर्तोलिया, कृष्णा सिंह सयाना, इन्द्रा रिलकोटिया, सावित्री पांगती, दीपा देवी, ललिता मर्तोलिया, पुष्पा रावत, गीता देवी बर्निया, हेमा मेहरा सहित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एसोसिएशन की नीलम कोरंगा, गीता पिमोली, पूजा पंवार आदि मौजूद रहे।

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