रानीखेत में एक‌माह से चल रही नि:शुल्क शास्त्रीय संगीत कार्यशाला का संगीत की मधुरता के साथ समापन,प्रशिक्षणार्थियों ने अपने गायन-वादन से‌ घोली कार्यक्रम में संगीत‌ की मधुरता

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रानीखेत: संगीत शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी उप्रेती द्वारा यहां सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पिछले एक माह से नि:शुल्क संचालित शास्त्रीय व लोक संगीत कार्यशाला का संगीत की मधुरता के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने गायन और वादन से करीब दो घंटे तक कार्यक्रम में संगीत की मधुरता घोली।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनिल जोशी पूर्व डीन हेड इतिहास विभाग एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा, रंगकर्मी कवि श्री विमल सती , वरिष्ठ नागरिक कैलाश चंद्र पांडे व संगीत शिक्षिका रा.आ.बा.ई.का.रानीखेत श्रीमती मीनाक्षी उप्रेती द्वारा सामूहिक रुप से दीप प्रज्वलित का कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

सर्वप्रथम प्रशिक्षणार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना, तथा साक्षी, गरिमा व कशिश के द्वारा स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया इसके बाद श्रीमती कमला जोशी, धैर्य जोशी, देवांश पांडे, पुष्पा परगाई, रश्मि भारती, हर्षिता, प्रियांशी, श्रद्धा के द्वारा सामूहिक रूप से राग भूपाली में छोटा ख्याल में गणेश स्तुति आलाप तानों सहित प्रस्तुत किया गया। श्रीमती शोभा, श्रीमती पुष्पा परगार्ई श्रीमती सुचिता मैनाली द्वारा राग सारंग में एक भजन ‘मैं तो सांवरे के रंग में राची’ व राग देसी में छोटा ख्याल ‘गुंथ -गुंथ लावो री मालनिया’ अत्यंत सुंदर रचना प्रस्तुत की। कुमारी हृदयांशी जोशी द्वारा कुमाऊनी मांगलिक गीत ‘सुवा रे सुवा रे’ प्रस्तुत किया गया। साक्षी द्वारा राग बिहाग में ‘मेरो मन अट्क्यो सुंदर ध्यान में ‘छोटा ख्याल प्रस्तुत किया गया। मास्टर हर्षित व गीतांजलि जोशी द्वारा रागों पर आधारित कुछ फिल्मी गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई। मास्टर देवांश पांडे द्वारा श्री केदार नाथ अग्रवाल की सुंदर रचना ‘ओरी चिरैया नन्ही चिरैया अंगना में फिर आना रे’ की सुंदर प्रस्तुति दी गई।
राग हिंडोल में छोटा ख्याल में ‘बरन -बरन के फूल फूले’ को सभी प्रशिक्षणार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रस्तुत किया गया ।प्रशिक्षणार्थियों द्वारा इस कार्यशाला को अत्यंत महत्वपूर्ण व प्रभावशाली बताया गया जिसमें सभी के द्वारा संगीत की प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी व बारीकियों को सीखने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने संगीत शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी उप्रेती का धन्यवाद किया गया तथा भविष्य में उन्हें ऐसा अवसर पुनः प्राप्त हो ऐसी आशा की गई ।

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मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनिल जोशी द्वारा नन्हे बच्चों व हर उम्र के लोगों के इस प्रकार एक साथ प्रशिक्षण लेते हुए देख श्रीमती मीनाक्षी उप्रेती द्वारा शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार के सामाजिक कार्य की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यशाला के संरक्षक रंगकर्मी ,पत्रकार श्री विमल सती ने रानीखेत में श्रीमती मीनाक्षी उप्रेती द्वारा चलाई गई इस निशुल्क संगीत कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएं दी। कैलाश चंद्र पांडे द्वारा अपने संबोधन में इस तरह की कार्यशालाओं के लिए शिव मंदिर कमेटी की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। शिक्षिका मीनाक्षी उप्रेती ने अपने छोटे से प्रयास की ओर से सभी बच्चों ,अभिभावकों ,संयोजक का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में संगीत के क्षेत्र में होने वाले किसी भी कार्य में अपने पूर्ण सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।

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कार्यक्रम में सभी प्रशिक्षणार्थियों को शिक्षक संघ के ब्लॉक मंत्री श्री जीवन तिवारी के प्रायोजन में स्मृति चिह्न भेंट किए गए । कार्यक्रम में शिक्षक श्री दीप पांडे, श्री संजय लुंठी ,श्री लक्ष्मी दत्त पांडे, श्रीमती रीता पांडे व दीप मेहरा अभिभावक गण उपस्थित रहे ।कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षणार्थी श्रीमती सरिता राणा द्वारा किया गया।

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