आज फिर आया विक्षिप्तों का मसीहा, ले गया एक नई रोशनी की ओर…(देखें वीडियो)

ख़बर शेयर करें -

रानीखेत: आज फिर से उत्तराखंड पुलिस का वह जवान रानीखेत पहुंचा, गांधी चौक पहुंचकर उसकी आंखे उस विक्षिप्त को तलाश रही थी जिससे उसका अनूठा रिश्ता पिछले लाॅक डाउन में बना और निरंतर मजबूत होता चला गया। विक्षिप्त को गांधी चौक में उसने नहलाया, नए कपडे़ ,जूते पहनाए और अपने साथ ले गया एक नई रोशनी की दिशा में..।
यहां बात हो रही है हालिया महीनों तक रानीखेत कोतवाली में तैनात रहे उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत दिलीप कुमार की ।जिनकी सेवा भावना को सलाम करते हुए पांच अगस्त को भी मैं एक पोस्ट लिख चुका हूं।इनदिनों नैनीताल में ड्यूटी कर रहे दिलीप कुमार आज शुक्रवार को पुनः यहां गांधी चौक में खुले आसमां के नीचे रहने वाले विक्षिप्त का हाल जानने पहुंचे,पहले से ही उसकी शारीरिक सफाई,इलाज और देखरेख करते रहे दिलीप कुमार ने यहां पहुंचकर गांधी पार्क में विक्षिप्त को बैठाकर वहीं किया जो वह पिछले लाॅक डाउन के दरमियान और फिर तीन माह पूर्व अगस्त में यहां आकर करते रहे हैं मसलन उसे नहलाने, बाल और नाख़ून काटने, अपने साथ लाए कपड़े पहनाने से लेकर खाना खिलाने तक का काम।
लेकिन आज बात थोडा़ अलग थी,दिलीप कुमार आज उस विक्षिप्त के पुनर्वास के इंतजाम के साथ आए थे और उसे साथ लेकर जाने वाले थे।दिलीप ने पूर्व की तरह ही खुद उस विक्षिप्त को नहलाया ठंड से फट चुके उसके हाथ -पैरों में तेल लगाया ,और अपने साथ लेकर आए नए कपडे़ ,जैकेट ,जूते,मौजे उसे पहनाए। दिलीप ने बताया कि वह उसे ‘आशा दीप ‘संस्थान मोतीनगर ,लालकुआं में लेकर जा रहे हैं जहां उसके रहने -खाने कपडे़ का इंतजाम संस्था की ओर से किया जाएगा ।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तरकाशी: दर्दनाक हादसा! भालू के हमले से बचने के दौरान खाई में गिरने से पशुपालक की मौत

दिलीप में विक्षिप्तता और गरीबी के शिकार लोगों की सेवा का ऐसा जुनून सवार है कि कि वह ड्यूटी के दौरान हो या अवकाश पर, उसने अपना समय असहाय जनों को समर्पित कर दिया है।

यह भी पढ़ें 👉  पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 1600 से अधिक पुलिस पदों पर जल्द होगी भर्ती
ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad