रामनगर रानीखेत मुख्य मार्ग के लम्बे समय से क्षतिग्रस्त होने के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सड़क में बैठकर मौन धरना दिया

ख़बर शेयर करें -

रानीखेत:रामनगर रानीखेत मुख्य मार्ग मोहान क्षेत्र से रानीखेत मार्ग के लम्बे समय से क्षतिग्रस्त होने के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सड़क में बैठकर मौन व्रत किया।

इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार की घोर निंदा करते हुए सरकार को चेताया,उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण कराने की सरकार से मांग की है, दो माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर 24 घंटे भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।

यह भी पढ़ें 👉  बीरशिवा पब्लिक स्कूल चिलियानौला में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान : विद्यार्थियों को दिलाई नशा न करने की शपथ

बुधवार को रामनगर -रानीखेत मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अबतक सरकार रामनगर से रानीखेत, बेतालघाट, धुमाकोट, लैंसडोन समेत कई विधानसभा के मुख्य मार्ग अबतक क्षतिग्रस्त पड़े हैं। जिसके चलते दुर्घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रही है।

यह भी पढ़ें 👉  न्याय पंचायत चौकुनी में ‌श्रम विभाग ने लगाया श्रम कार्ड पंजीकरण शिविर, श्रमिकों के कार्डों का हुआ पंजीयन

साथ ही पर्यटकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमने दो माह के भीतर सड़को का निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही रामनगर रानीखेत रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है। उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने पर जल्द ही राष्ट्रीय राज्य मार्ग की पोल खोलने की चेतावनी सरकार को दी है।