माॅनसून सीज़न में सरकार के पहाडी़ जिलों को 3माह का खाद्यान भेजने के निर्देश,मगर सीमांत क्षेत्र में दाने-दाने के लिए हाहाकार

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मुनस्यारी:-मानसून में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सरकार ने अधिक बारिश व आपदा वाले इलाकों में तीन माह का खाद्यान भेजने के निर्देश दिए हैं वहीं आलम यह है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण मल्ला जोहार व रालम के 13 गांवों के लोग राशन के एक – एक दाने के लिए तरस रहे है। दो माह पूर्व गोदाम से जारी 90 कुतंल गेहू तथा 125 कुतंल चावल राशन को अवैध रूप से लीलम, बोगड्यार, लास्पा में रखा गया है।

क्षेत्र के लोग तीन समय की जगह एक समय भोजन कर अपना गुजारा कर रहे है। जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया ने जिलाधिकारी आनंद स्वरुप को शिकायती पत्र भेजकर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर हैली से बुर्फू के लिए राशन भेजने की मांग की।

मॉनसून सीजन में होने वाली बारिश के कारण भूस्खलन या रोड ब्लॉक जैसी समस्याओं को देखते हुए आपदा व अधिक बारिश वाले कई जिलों को राशन पहुंचाने में दिक्कतें आती रहीं हैं। अब सरकार ने कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत व नैनीताल जिलों के संभावित बारिश वाले इलाकों में खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश दे दिए हैं।

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वहीं दूसरी हकीकत यह है कि मुनस्यारी के मल्ला जोहार के 12 तथा रालम के एक गांव में इन दिनो सैकडो़ं परिवार माइग्रेशन के लिए गये है। इस क्षेत्र में राशन की प्राइवेट दुकानें नहीं है। सरकारी राशन की व्यवस्था पर ही सभी निर्भर रहते है।
विभाग के ठेकेदार को उक्त राशन में अधिकांश राशन 12 से 14 मई 2021 को मुनस्यारी से बुर्फू ले जाने के लिए मिल गया था। जिसमें दो माह का निशुल्क राशन भी शामिल है।
4 जून 2021 को अतिरिक्त कोटे का राशन भी दिया गया।
निविदा के नियमो के अनुसार ठेकेदार को मुनस्यारी गोदाम से राशन मिलने के बाद उसे बुर्फू गोदाम तक पहुंचाना होता है।
इस ठेकेदार ने राशन को सीधे गोदाम से गोदाम न पहुंचाकर लीलम, बोगड्यार में अपने निजि गोदामो में डैंप कर दिया।
बुर्फू गोदाम में अभी तक 25 प्रतिशत राशन भी नहीं पहुंच पाया है। ठेकेदार की इस गंभीर गलती तथा विभाग के सुपरविजन के अभाव में आज मल्ला जोहार की जनता राशन के दाने – दाने के लिए तरस रही है।
मुनस्यारी से 55 किमी की दूर्गम पैदल यात्रा के बाद यह क्षेत्र शुरु होता है। भारत का अंतिम गांव मिलम की दूरी तहसील मुख्यालय से 75 किमी दूर है।
जहां से राशन लेने के लिए मुनस्यारी बाजार आना संभव नहीं है। पहली बार राशन का यह अकाल जैसा बना हुआ है। इसके लिए ठेकेदार प्रथम दृष्ट्रि से दोषी पाया गया है।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बीते जून माह के प्रथम सप्ताह में ही राशन की किल्लत तथा इस अव्यवस्था की शिकायत कर दी थी। उसके बाद भी प्रशासन तथा विभाग न राशन पहुंचा सके न ही ठेकेदार के खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही ही कर सके।
तहसील प्रशासन ने अपने नायब तहसीललार भुवन वर्मा को बुर्फू भेजा था। उन्होंने भी बोगड्यार में अवैध गोदाम में राशन रखा हुआ देखा। जिसकी फोटो प्रशासन ने जिपं सदस्य को कल रात को शेयर किया।
मर्तोलिया ने कहा कि राशन बुर्फू गोदाम के लिए निर्गत होने के बाद समय पर सीधे गोदाम टू गोदाम क्यों नहीं पहुंचा। कहा कि इस गंभीर लापरवाही के कारण आज चीन सीमा की रक्षा के लिए जाने वाले लोग तीन समय के भोजन की जगह एक समय का ही भोजन खा पा रहे है। मर्तोलिया ने कहा कि सभी विभागो में नयी निविदा कोविड संक्रमण के चरम समय में भी हुई। केवल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में पिछले साल के ठेकेदार को इस साल भी काम करने का अवसर प्रदान किया गया। इसका फायदा उठाकर ठेकेदार ने मनमानी की सीमा पार कर दी है।
मर्तोलिया ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मल्ला जोहार व रालम के गांवो के लिए राशन हैली से भेजने, ठेकेदार को काली सूचि में दर्ज करने तथा नयी निविदा आंमत्रित कर नये ठेकेदार को घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई है।
मर्तोलिया ने कहा कि तत्काल प्रभाव से कदम नहीं उठाया गया तो चीन सीमा के गांवो में “भारत माता की जय” के नारो के साथ आंदोलन होगा।

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