हस्तशिल्पी मंजू आर साह ने भोपाल में इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में किया पिरूल से बनाई दैनिक उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन,खूब मिली वाह-वाही

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रानीखेत: विगत 21 से 24 जनवरी तक मध्य प्रदेश के भोपाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में अपनी हस्त कला के प्रदर्शनार्थ देश भर से हस्तशिल्पी जुटे। इस फेस्टिवल का उद्देश्य भी कला से जुड़े विभिन्न कलाकारों को एक मंच पर लाकर उनकी कला को कलाप्रेमियों के समक्ष रखना था। फेस्टिवल में आर्टिजंस एवं टेक्नोलॉजी विलेज में उत्तराखंड से मंजू आर साह ने प्रतिभाग किया। जिसका विषय लोकल फॉर वोकल था।

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मंजू ने बताया कि देश भर से 22 राज्यों के विभिन्न विधाओं में पारंगत राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 140 कलाकारों द्वारा अपनी कलाओं का प्रदर्शन किया गया। लद्दाख से लेकर त्रिपुरा,अंडमान निकोबार से लेकर उत्तराखंड तक के विभिन्न कलाकार इस प्रदर्शनी में पहुंचे थे। इसके साथ ही मंजू ने बताया प्रसार भारती दूरदर्शन भोपाल द्वारा ‘नमस्ते एमपी’ कार्यक्रम के तहत स्पेशल मेहमान के तौर पर आमंत्रित कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि पर उनके इस कार्य को लाइव प्रसारण किया गया।

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गौरतलब है कि मंजू आर० साह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ताड़ीखेत (अल्मोड़ा)में प्रयोगशाला सहायक के पद पर कार्यरत हैं उनके द्वारा चीड़ की पत्तियों (पिरूल) से विभिन्न प्रकार की दैनिक उपयोग की वस्तुओं के साथ ही आकर्षक आभूषण बनाए जाते हैं। मंजू के साथ उनकी सहभागी के तौर पर अंजलि भाकुनी तथा हल्द्वानी से जीवन चंद्र जोशी द्वारा संस्कृति कर्मी गौरीशंकर कांडपाल के मार्गदर्शन में प्रतिभाग किया।

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