रानीखेत में कदली वृक्षों को लाए जाने के साथ हुई 131 वें नंदा महोत्सव की शुरूआत,कल से आनलाइन सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं

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रानीखेत :आज मां नंदा देवी परिसर में कदली वृक्षों को लाए जाने के साथ 131 वें नंदा महोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मां के जयकारों के साथ माधव कुंज राय इस्टेट से श्रद्धालु कदली वृक्षों को नगर परिक्रमा कराने के साथ मंदिर परिसर लेकर आए जिनसे मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमा निर्माण का कार्य आरम्भ किया जाएगा।
शनिवार प्रातःकाल मां नंदा देवी परिसर से निषाण और जयकारों के साथ नंदा देवी महोत्सव समिति के सदस्य एवं श्रद्धालु कदली वृक्षों के आमंत्रण के लिए निकले।पूर्व वर्षों की भांति राय इस्टेट माधव कुंज स्थित विमल भट्ट के निवास परिसर पहुंचकर कदली आमंत्रण का कार्यक्रम आरम्भ हुआ।कदली वृक्षों की पूजा अर्चना और मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान से उन्हें श्रध्दालु नगर में घुमाने के साथ नंदा देवी परिसर में लेकर आए।इस दौरान माधव कुंज स्थित ग्वेल देवता मंदिर में महिला मंडली ने भजन कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।इस बार राजा -रानी की भूमिका में जितेन्द्र रौतेला व उनकी पत्नी हैं। जिन्होंने बतौर यजमान कदली पूजा में शिरकत की।विधायक करन माहरा ,ब्लाक प्रमुख हीरा रावत के अलावा विमल भट्ट ने भी कदली पूजा में सपत्निक भाग लिया।
इस अवसर पर महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा,व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मोहन नेगी,पूर्व दर्जा मंत्री नरेन्द्र रौतेला, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गिरीश भगत,पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दीप भगत,व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष मनीष चौधरी,उपाध्यक्ष दीपक पंत ,उप सचिव विनीत चौरसिया,पूर्व ब्लाक प्रमुख धन सिंह रावत,भुवन साह,किरन लाल साह,प्रमोद कांडपाल ,मुकेश साह,यतीश रौतेला,लक्ष्मण सिंह नेगी,खजान जोशी,शेर सिंह राणा,सोनू सिद्दकी,कामरान कुरेशी,पूर्व सभासद सुकृत साह,पंकज जोशी,दीप उपाध्याय,देवेन्द्र साह सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।
नंदादेवी महोत्सव समिति के अध्यक्ष हरीश लाल साह ने बताया कि आज से कदली वृक्षों के मंदिर परिसर में पहुंचने के साथ ही मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य आरम्भ होगा।14 सितंबर अष्टमी के दिन ब्रह्म मुहुर्त में मां नंदा -सुनंदा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण विधान से की जाएगी साथ ही अपराह्न 1 बजे से हवन यज्ञ शुरु होगा।17 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा का डोला सजेगा जिसे जनता के दर्शनार्थ नगर में घुमाने के बाद पूर्व वर्षों की भांति निर्धारित स्थल पर विसर्जित कर विदाई दी जाएगी।श्री साह ने बताया कि सम्पूर्ण कार्यक्रम कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत शासन द्वारा तय गाइन लाइन का अनुपालन करते हुए किए जा रहे हैं। कल से आन लाइन सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी शुरू की जा रही हैं।

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