कांग्रेस ने कहा -भाजपा ने रानीखेत एआरटीओ कार्यालय को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डाला,हरीश रावत की देन पर अब लूट रही श्रेय

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रानीखेतः यहां राजीव गाँधी पार्क में कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश आर्या की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में भाजपा सरकार पर अपने पिछले पांच वर्षीय कार्यकाल में एआरटीओ कार्यालय रानीखेत के नाम पर जनता के साथ छलावा करने और इसे जानबूझ कर लटकाने का आरोप लगाया गया।

कहा गया कि पूर्व विधायक करन माहरा द्वारा लगातार सदन में एआरटीओ कार्यालय की मांग उठाने के फलस्वरूप तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने रानीखेत सहित अन्य स्थानों के लिए आरटीओ कार्यालय का शासनादेश जारी किया था। जिनमें से निकटवर्ती रामनगर में पिछले 4 वर्षों से एआरटीओ कार्यालय संचालित है। इससे स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि भाजपा सरकार ने पिछले पाँच सालों में रानीखेत की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया है। रानीखेत पहुँचने पर परिवहन मंत्री ने वही पुराना राग अलापा है कि भूमि उपलब्ध नहीं है, जोकि समझ से परे है। रानीखेत आने पर मंत्री द्वारा कोई नयी बात या कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जिससे रानीखेत के आम नागरिक निराश हैं। नई सरकार का पिछला डेढ माह रानीखेत क्षेत्र के लिए निराशाजनक रहा है।मसलन रानीखेत में सबसे पहले सरकार के अस्तित्व में आते ही रोडवेज डिपो का विलय करना, खाद्यान गोदाम को रानीखेत से अन्यत्र स्थानान्तरित करना, उद्यान निदेशालय के निदेशक को चौबटिया के स्थान पर देहरादून से ही स्थाई तौर पर पदासीन करने सहित डेढ माह की भाजपा सरकार की उपलब्धियाँ है जोकि रानीखेत क्षेत्र को मायूस करती है।

बैठक में ब्लाॅक अध्यक्ष गोपाल देव, विश्व विजय माहरा,  उपाध्यक्ष कुदलीप कुमार, विजय तिवारी, दीप उपाध्याय, पंकज गुरूरानी, मूसा भाई, हबीब अहमद, रकीब कुरैशी विनीत चैरसिया, मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी, प्रमोद पाल, चरन जसवाल, धीरज कुमार, प्रदीप रावत आदि कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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