रानीखेत में पराक्रम दिवस पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का भावपूर्ण स्मरण, नेताजी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान

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रानीखेत– राष्‍ट्रीय आंदोलन के पराक्रमी नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती पराक्रम दिवस के अवसर पर यहां सुभाष पार्क में आयोजित समारोह में उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया।

सुभाष विचार मंच द्वारा सुभाष चौक में आयोजित सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर वक्ताओं ने नेता जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके बताये मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

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वक्ताओं ने कहा कि नेता जी हमेशा उच्‍च विचारों पर चलना स्‍वीकार करते थे. उन्‍होंने अपने विचारों में भी यह कहा था कि अगर आप उच्‍च विचारों के साथ जीवन जीते हैं तो यह आपकी कमजोरियों को दूर करने का ताकत देती है इसलिए हमें उच्‍च विचारों के साथ जीना चाहिए। साल 1920 में नेताजी ने इंग्लैंड में सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी, लेकिन भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में हिस्सा लेने के लिए इस जॅाब को इन्होंने ठुकरा दिया था। कहा कि अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने के बाद नेताजी ने साल 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद सरकार की स्थापना की थी. हिंद सरकार को 9 देशों की सरकारों ने मान्यता दी थी।

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कार्यक्रम में मोहन नेगी, नरेंद्र रौतेला, मदन सिंह मेहरा, राजेंद्र बिष्ट, शिवराज सिंह मेहरा, मनोज कुमार, मोहसिन खान, हरीश शर्मा, भुवन पपनै , अगस्त लाल साह, सुनील कुमार, लक्षण सिंह नेगी, नवल पांडे, हर्ष पंत, विनोद भार्गव, आनंद अग्रवाल, अजय पुनेठा, बंशीधर मठपाल, शंकर दत्त बुधोडी़, आदि उपस्थित थे।

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