छावनी परिषदों के वैरी बोर्ड का कार्यकाल एक साल बढ़ाने से नगर पालिकाओं में शीघ्र विलय की संभावनाएं हुई धूमिल,अभी करना होगा इंतजार

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रानीखेत– रक्षा मंत्रालय द्वारा छावनी परिषदों के वैरी बोर्ड का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाए जाने से छावनी परिषदों को‌ शीघ्र नगर पालिकाओं में तब्दील किए जाने की फिलवक्त संभावनाओं पर‌ कुहासा छा गया है। यानी नगर पालिका में विलय किए जाने की व्यग्र प्रतीक्षा में बैठे नागरिकों को फिलहाल अभी और प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। इधर रानीखेत में इस मांग को लेकर सांकेतिक धरना -प्रदर्शन आज मौसम खराबी के बावजूद 324वें दिन जारी रहा।

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गौरतलब है कि पिछले वर्ष 22फरवरी 2023को कैंटोनमेंट बोर्ड चुनाव की अधिसूचना जारी हुई थी जिसके तहत 30अप्रैल2023 को चुनाव होना था इसके लिए कैंटोनमेंट प्रशासन ने मतदाता सूची, नामांकन आदि की तैयारियां भी पूर्ण कर ली थी लेकिन एक माह की कवायद के बाद रक्षा मंत्रालय ने अचानक चुनाव प्रक्रिया रद्द कर दी। बाद में रक्षा मंत्रालय ने कैंटोनमेंट बोर्डो के सिविल एरिया को राज्य के नगर निकायों को सौंप कर सैन्य स्टेशनों को अलग रखने की मंशा को स्पष्ट किया था। इधर , रानीखेत नगर पालिका की मांग को लेकर लम्बे वक्त से संघर्ष चलता रहा है इसी क्रम में पिछले वर्ष कैंटोनमेंट बोर्ड चुनाव के बहिष्कार को लेकर नागरिक एकजुट हुए ,बाद में चुनाव स्थगित होते ही यह संघर्ष नगर पालिका में विलय के धरने में तब्दील हो गया।तबसे आज तक नागरिकों का सांकेतिक धरना नगर पालिका में विलय की उम्मीद की बुनियाद पर कायम है। इस बीच वेरी बोर्ड का कार्यकाल छह माह की जगह एक साल तक बढ़ाए जाने से जल्दी नगर पालिका परिषद में विलय की संभावना को धक्का लगा है। उम्मीद की जा रही है रानीखेत के नागरिकों का नगर पालिका में विलय का सपना अब अठारहवीं लोक सभा के गठन के बाद ही पूरा होगा।

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