अजय भट्ट बन सकते हैं राज्य मंत्री,निशंक के इस्तीफे से तस्वीर साफ,भट्ट बोले,जनता के प्यार ने पहुंचाया यहां तक

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मोदी मंत्रिमंडल-2 का आज विस्तार होने जा रहा है,ऐसे में मंत्रीमंडल में 19नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा है,कुछ मंत्रियों की जहां छुट्टी होने की संभावना है वहीं कुछ मंत्रियों का कद बढा़या जा सकता है।उत्तराखंड से पहले राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी और हाल में सीएम पद से हटाए गए सांसद तीरथ सिंह रावत का नाम लिया जा रहा था सांसद अजय भट्ट की चर्चा दूर तक इसलिए नहीं थी कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के रुप में पहले ही राज्य से एक ब्राह्मण चेहरा शामिल था इसलिए भट्ट की मंत्री बनने की संभावना नगण्य मानी जा रही थी लेकिन आज जिस तरह से प्रधानमंत्री आवास में नए केंन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रहे संभावित चेहरों को चाय पर आमंत्रित किया गया उनमें सांसद अजय भट्ट भी शामिल रहे।इससे उनका बतौर मंत्री आज शाम 6:00बजे शपथ लेना तय माना जा रहा है। लेकिन भट्ट के रुप में ब्राह्मण चेहरा मंत्री मंडल में शामिल किए जाने से यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या पार्टी निशंक को ड्राप कर स्टेट राजनीति में सक्रिय करने जा रही है ?क्या निशंक भविष्य में स्वयं भी स्टेट राजनीति में आने के इच्छुक तो नहीं? ऐसा इसलिए भी कि निशंक ने स्वास्थ्य कारणों से त्याग पत्र दे दिया है ।कुल मिलाकर सवाल कई हैं लेकिन ये बीजेपी की सियासत का अंदाज है कि किस चेहरे को अचानक अर्स पर ले जाए,किसे फर्श पर..।राज्य में मुख्यमंत्री के मनोनयन में ऐसा हम देख चुके हैं।

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बहरहाल अजय भट्ट को मंत्री बनाने के पीछे भी वजहें हैं।अव्वल राष्ट्रीय अध्यक्ष से उनके रिश्ते अच्छे हैं ,जेपी नड्डा २०१७में उनके विधान सभा चुनाव प्रचार में आए थे उन्हें मुख्यमंत्री का दावेदार तक बताया था,लेकिन अजय भट्ट अपनी सीट नहीं बचा पाए थे।हार के बाद तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह ने भी भट्ट की प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश को फोन में ठुकरा दिया था और पद पर बने रहने को कहा था यानी एक तरह से शीर्ष नेतृत्व ने माना था बीजेपी को स्टेट में मिले प्रचंड बहुमत में बतौर अध्यक्ष भट्ट का योगदान कमतर नहीं है।उन्हें केन्द्र में मंत्री बनाने की वजह उनका संघ के शीर्ष पदाधिकारियों से नजदीकियां भी हैं,दूसरा नैनीताल संसदीय सीट से हैवीवेट कांग्रेस नेता हरीश रावत को भारी अंतर से हराना भी उनके पक्ष में जाता है।सबसे महत्वपूर्ण बात है उनका लोकसभा सदन में क्षेत्र के मुद्दों को बेबाकी से उठाना,लोकसभा में प्रश्नकाल व शून्यकाल में निरंतर मामले उठाकर भी उन्होंने इन दो साल में शीर्ष नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
यह भी सच है कि अजय भट्ट स्टेट राजनीति में अपना कद निरंतर बढा़ते आए हैं ,मुख्यमंत्री पद को छोड़ पार्टी संगठन ने उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार उन्हें हर वो पद दिया जिसकी उनकी योग्यता हकदार थी।अब केन्द्र में उन्हें परीक्षा देने का अवसर पार्टी संगठन और पी एम मोदी उन्हें देने जा रहे हैं। सांसद अजय भट्ट ने फोन पर बताया कि अभी उन्हें शपथ के लिए आमंत्रण पत्र नहीं मिला है।उन्होंने स्वीकारा कि मंत्रीमंडल में उत्तराखंड से उन्हें शामिल कर राज्य मंत्री बनाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि यहां तक उन्हें जनता के प्रेम ने ही पहुंचाया है।

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