रानीखेत अस्पताल में कार्यरत रोशन बानो इस्लाम त्याग कर‌ बनी सनातनी, परिजनों के अत्याचार से खुद को बताया आहत, अंजुमन सेवा समिति ने लगाया इस्लाम को अपमानित करने का आरोप

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रानीखेत : यहां गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय में नर्स के पद पर कार्यरत रोशन बानो ने इस्लाम छोड़कर सनातनी धर्म स्वीकार कर लिया। मूल रुप से अल्मोड़ा की रहनेवाली रोशन बानो अब रोशनी हो गईं हैं। धर्म परिवर्तन का कारण उन्होंने परिजनों का अत्याचार बताया है।इधर,अंजुमन सेवा समिति ने रोशनी पर इस्लाम को अपमानित करने का आरोप लगाया है।

रोशनी ने यहां गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में वर्ष २०१७में पद भार‌ ग्रहण किया था। वर्ष २०१२में बरेली से नर्सिंग कोर्स कर चुकी रोशनी को हवालबाग में पहली तैनाती मिली थी। मूल रुप से अल्मोड़ा के टम्टा मुहल्ला निवासी रोशनी के अनुसार उन्होंने बड़ी बेटी होने के नाते भाई को बीएड और बहन को नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाया। बात तब बिगडी़ जब रोशनी ने बैंक ऋण लेकर मकान खरीदा लेकिन भाई मकान को अपने नाम कराने के‌ लिए आएदिन मारपीट करने लगा। मारपीट में पिता बसीर अहमद‌ भी भाई का साथ देने लगे। पिता भी जब मार डालने की धमकी देने लगे तो उन्होंने पुलिस में तहरीर दी जिसपर पिता ने माफीनामा लिखकर दिया। वह रानीखेत में किराए के‌ घर में रहने लगी तो परिजन यहां आकर‌भी मारपीट करने लगे। यहां रानीखेत पुलिस और प्रशासन ने उन्हें पूरा सहयोग और संरक्षण दिया।

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अंतत:रोशनी ने‌ इस्लाम त्याग कर सनातन अपनाने का निर्णय ले लिया। उन्होंने निर्णय लिया कि मरना पसंद करूंगी लेकिन दुबारा इस्लाम में नहीं जाऊंगी।बीते दिसंबर में उप जिलाधिकारी हल्द्वानी को उन्होंने इस बात सूचित किया , अनुमति मिलने पर आर्य समाज मंदिर में सनातन धर्म अपना लिया।

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इधर‌ इस मामले में अंजुमन सेवा समिति के पूर्व सचिव हाजी नूर अकरम खान ने अल्मोड़ा कोतवाली में तहरीर सौपी है। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि रोशन बानो ने मुस्लिम समुदाय की महिलाओं व युवतियों के लिए गलत बयानबाजी की है। जिससे मुस्लिमों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। तहरीर में आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि रोशन बानो ने मुस्लिम धर्म को अपमानित करने के नीयत से ऐसा किया है और पारिवारिक विवाद को मुस्लिम धर्म के खिलाफ गलत आरोप लगाकर पेश किया गया है।