केंद्रीय विद्यालय रानीखेत में बैठकी होली का आयोजन, शास्त्रीय रागों में श्रृंगारिक होली ने किया मंत्रमुग्ध

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रानीखेत: नगर में रंगोत्सव होली निकट आते ही होली गायन का उल्लास गली -मुहल्लों से गुज़रकर अब विद्यालय परिसरों तक पहुंच गया है।यहां केंद्रीय विद्यालय में आज सांध्यकालीन बैठकी होली का आयोजन किया गया जिसमें शृंगार रस रंगों से भरपूर गायन ने श्रोताओं को मदमस्त किए रखा।
आपको बता दें उत्तराखंड की कुमाऊंनी होली सिर्फ एक त्योहार नहीं है। यह परंपरा शास्त्रीय संगीत व उल्लास का संगम है। करीब एक महीने चलने वाले इस उत्सव को सौ वर्ष से भी अधिक हो रहा है पर रंग अभी गाढ़ा ही है। कुमाउनी होली की समृद्ध परम्परा रही है।इसी परम्परा के क्रम में आज केंद्रीय विद्यालय के संगीत प्रेमी प्रधानाचार्य द्वारा सरस बैठकी होली का आयोजन किया गया।

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ज्ञात हो कि होलाष्टक के बाद श्रृंगार रस से परिपूर्ण होली गायन प्रारंभ होता है। आमलकी एकादशी से रंग भरी होली प्रारंभ होती हैं। श्रृंगारिक रचनाओं में राधा कृष्ण का मिलन, वियोग, कृष्ण का गोपियों के साथ श्रृंगार वर्णन एवं बाल लीलाओं में चूड़ी तोड़ना, मटकी फोड़ना, वस्त्र आभूषण छिपाना, माखन चोरी आदि रचनाएं आती हैं। नगर के जाने-माने कुमाउनी शास्त्रीय होली गायक संदीप गोरखा ने श्रृंगारिक होली गायन से समां बांध दिया।उनके साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार जोशी जो स्वयं में एक बेहतर गायक व तबला वादक है ने संगत दी।इसके अतिरिक्त संगीत शिक्षक मुकेश मेहता व सुश्री पैट्रिक ने भी अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक गौरव मिश्रा ने किया। बैठकी होली गायन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी शिरकत की।

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