धामी सरकार की पहली कैबिनेट का फैसला:राज्य में यूनिफाॅर्म सिविल कोड को लेकर बनेगी समिति

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देहरादूनः पुष्कर सिंह धामी सरकार की पहली कैबिनेट में आज यूनिफॉर्म सिविल कोड पर समिति बनाने का बड़ा फैसला लिया गया।साथ ही विधान सभा सत्र 29 अप्रैल से कराने का भी फैसला लिया गया।

कैबिनेट में फैसला लिया गया कि यूनिफॉर्म सिविल कोड पर समिति सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में बनाया जाएगी।मुख्यमंत्री को समिति बनाने को लेकर कैबिनेट के मंत्रियों ने अधिकृत किया।

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ज्ञात हो कि पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड बनाने की बात कही थी।आज कैबिनेट बैठक के बाद सीएम ने कहा आज नई सरकार का गठन होने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई. 12 फरवरी 2022 को हमने जनता के समक्ष संकल्प लिया था कि हमारी सरकार का गठन होने पर हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लेकर आएंगे.आज हमने तय किया है कि हम इसे जल्द ही लागू करेंगे।हम एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाएंगे और वो कमेटी इस कानून का एक ड्राफ्ट तैयार करेगी और हमारी सरकार उसे लागू करेगी.आज मंत्रिमंडल में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया है. अन्य राज्यों से भी हम अपेक्षा करेंगे कि वहां पर भी इसे लागू किया जाए।

1 thought on “धामी सरकार की पहली कैबिनेट का फैसला:राज्य में यूनिफाॅर्म सिविल कोड को लेकर बनेगी समिति

  1. उत्तराखंड की पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों की जमीनों की हिफाज़त का नहीं बल्कि एक कंट्रोवर्शियल मुद्दा आया। यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना स्कूल यूनिफॉर्म तय करने वाला मुद्दा नहीं।
    उम्मीद थी:
    1- आप बड़ी संख्या में खाली पद भरने का एलान करते।
    2- आप आपदा से जर्जर हो चुकी सड़कों को ठीक करने का एलान करते।
    3- आप पलायन को एड्रेस करने के लिए कोई ठोस पहल लेते। स्थानीय उद्यमिता को समर्थ करने की बात करते।
    4- शिक्षा और चिकित्सा की बदहाली पहली कैबिनेट बैठक में जगह बनाती।
    5- कम से कम सुगम- दुर्गम की ठोस नीति बनाने का काम हाथ में लेते।
    6- उत्तराखंड की भाषाओं, जनजातियों, जनजाति क्षेत्रों, शिल्पकारों को विशेष संरक्षण और संबर्धन की बात करते।

    आप ये कैसा विभाजनकारी मुद्दा ले आये। जिसके बारे में 21 वाँ लॉ कमीशन (2018) कह चुका है- “भारत जैसे बहुलतावादी राष्ट्र में अब न इसकी आवश्यकता है, न ही कोई मजबूत चाहत”।

    सरकार जी आपकी ही नीयत छोटी न हुई तो उत्तराखंड के लोगों में आपस में कोई दिक्कत नहीं और आपसी दिक्कतें हों भी तो वे इससे आपस में निपट लेंगे।

    यूनिफॉर्म सिविल कोड वैसे भी केंद्र का विषय है। राज्य उसे लागूकर अपनी ही टेंशन बढ़ाएंगे।

    आपको चुना है अभी, जनहित के मुद्दों पर काम करने के लिए। आप असल मुद्दे पर आओ।

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