अब मुनस्यारी -धारचूला बनेगा मिनी हिमाचल ,तीन साल के भीतर अल्पाइन हिमालय नाम से आयेगा दुग्ध प्रोडेक्ट्स

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मुनस्यारी के 93 ग्राम पंचायतों में चारा घास योजना पर होगा काम
अक्टूबर में बांटेंगे घास के बीज
नाचनी में महिला स्वयं सहायता समूहों की बैठक में बनी योजना
मुनस्यारी तथा धारचूला को बनायेंगे मिनी हिमाचल: मर्तोलिया

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नाचनी: महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए तल्ला जोहार क्षेत्र के 50 ग्राम पंचायतों की महिला समूहों के मुख्य पदाधिकारियों की बैठक हुई। तीन साल के भीतर विभिन्न अल्पाइन हिमालय दुग्ध प्रोडेक्ट्स को बाजार में लांच किया जाएगा। इसके लिए चारा घास पर फोकस किया जा रहा है।
सरस बाजार नाचनी के सभागार में स्वरोजगार को लेकर हुई बैठक का उद्घाटन जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने किया।
उन्होंने कहा कि तल्ला जोहार के 50 ग्राम पंचायतों में दुग्ध उत्पादन की सम्भावना है। श्वेता क्रांति के लिए चारा घास विकास योजना पर फोकस किया जाएगा। इसके तहत् राई, गुच्छी,दोलनी, नेपियर प्रजाति के इस के बीज अक्टूबर माह से बांटकर हम इसकी नींव रख रहे है। तीन साल के भीतर इस क्षेत्र के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा गुजरात के आंचल की तरह अल्पाइन हिमालया के नाम से दूध,दही,छांछ,पनीर,रबड़ी, चाकलेट के प्रोडक्ट्स बाजार में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महायोजना के लिए गैर सीजन में हरा चारा घास प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो, इसके लिए जिम्मेदार प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुनस्यारी तथा धारचूला को मिनी हिमाचल बनाने के सपने को पूरा करने के लिए उत्तराखंड सरकार तथा विभिन्न विभागों की मदद ली जाएगी।
बैठक में गूंटी की ग्राम प्रधान देवकी बिष्ट, डोर के ग्राम प्रधान कुंवर सिंह राणा, बबनगांव के ग्राम प्रधान दुर्गा राम ने कहा कि महिलाओं के स्वरोजगार के लिए गंभीर प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जैविक खेती, शहद उत्पादन, डेरी उद्योग की छुपी सम्भावनाओं को धरातल में उतारने की आवश्यकता है।
बैठक में हुई परिचर्चा में शामिल महिलाओं ने नमकीन उद्योग, नर्सरी, हस्तशिल्प आदि स्वरोजगार पर भी फोकस करने की मांग उठाई।
बैठक में ग्राम विकास अधिकारी जीवन सिंह कार्की, गिरीश पंत, सुरेन्द्र सिंह खड़ायत, ग्राम पंचायत अधिकारी जगत सिंह कोरंगा मौजूद रहे।

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