रामलीला मंचन का मुख्य उद्देश्य सभ्य समाज के प्रतीक राम के चरित्र व‌ जीवन काल को समाज के सम्मुख रखना है-विमला रावत

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रानीखेत– विकासखंड ताडी़खेत की ग्राम सभा कुनेलाखेत में विगत वर्षों की भाति इस वर्ष भी नवयुवक जागृति दल द्वारा आयोजित रामलीला मंचन का शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत सदस्य विमला रावत ने किया।

इस अवसर पर श्रीमती विमला रावत ने कहा कि रामलीला का मंचन भारत देश में ही नहीं वरन श्रीलंका थाईलैंड, बाली आदि देशों में भी किया जाता है। सर्वप्रथम महर्षि वाल्मीकि की रचना रामायण में इसका उल्लेख मिलता था तत्पश्चात गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रामचरितमानस मैं इस रामलीला को नाट्य रूपांतरण के तौर पर लिखा गया इसको लिखते समय गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक संकल्प लिया था कि वह आने वाली पीढ़ी के लिए रामलीला को नाट्य द्वारा मंच पर प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि सन 1930 के बाद गोस्वामी तुलसीदास जी के शिष्यों ने निर्णय लिया कि वह अपनी गुरु परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंचन के द्वारा रामलीला का मंचन प्रत्येक वर्ष आश्विन नवरात्र में करेंगे सबसे पहले काशी नरेश ने रामनगर में रामलीला का मंचन की शुरुआत की थी इसका मुख्य उद्देश्य एक सभ्य समाज का निर्माण करना था तथा मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन की यात्रा को समाज के सम्मुख रखना था और अच्छाई की बुराई पर विजई कैसे होती हैं इस विषय को समाज के समक्ष रखना था।

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इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि संजय सिंह बिष्ट ग्राम प्रधान , शिखा सुयाल ,रेखा आर्य, प्रकाश कठायत
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बलवंत सिंह बोहरा उपाध्यक्ष त्रिलोक , कोषाध्यक्ष गणेश सुयाल, उपकोषाध्यक्ष अध्यक्ष मनोज सिंह बोहरा , सचिव देवेंद्र सती , उपसचिव किशन बोहरा, निदेशक प्रमोद गयाल, धन सिंह बिष्ट, संगीत, हारमोनियम में उमेश पपनै, देव सती ,राजेंद्र सिंह, उमेश सुयाल ,चंदन सिंह , दीपचंद सुयाल व अनेक लोग उपस्थित थे ।

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