रानीखेत नगर पालिका जिला सहित अन्य मांगे ठंडे बस्ते में पड़े होने से बढ़ी नाराज़गी, नागरिकों का चुनाव बहिष्कार का ऐलान,सात अप्रैल से होगा जन जागरण

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रानीखेत – रानीखेत विकास संघर्ष समिति ने यहां तहसीलदार के माध्यम से‌ मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेज कर छावनी परिषद अंतर्गत निवास कर रहे नागरिकों की दुश्वारियां दूर न होने तक लोकसभा सामान्य‌ निर्वाचन 2024 सहित सभी चुनावों के बहिष्कार के फैसले पर अडिग रहने का ऐलान किया है।इसके लिए समिति ने सात अप्रैल से पर्चा वितरण और हस्ताक्षर अभियान के जरिए जन जागरण का निर्णय लिया है।

मंगलवार को समिति ने तहसीलदार को मुख्य चुनाव आयुक्त भारत सरकार के नाम प्रेषित ज्ञापन सौंपा जिसमें कहा गया है कि रानीखेत वासियों द्वारा पिछले एक वर्ष से छावनी परिषद रानीखेत को रानीखेत-चिलियानौला नगरपालिका में समायोजित करने हेतु रानीखेत विकास समिति के बैनर तले क्रमबद्ध धरना प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसके तहत विकास समिति द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव 2024 सहित सभी प्रकार के चुनावों का बहिष्कार का निर्णय लिया गया था। कहा गया कि सरकार की उपेक्षा के चलते समिति लोकसभा सामान्य‌ निर्वाचन 2024 के बहिष्कार पर अडिग है।ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त का ध्यान रानीखेत की समस्याओं की ओर दिलाते कहा गया है कि रानीखेत गोल्फ़ कोर्स को सेना द्वारा विगत कुछ वर्षों से पर्यटकों व आम नागरिकों के लिए बंद करने के कारण रानीखेत के पर्यटन व व्यापार पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। हालांकि अब इसे अल्प समय के‌ लिए खोला गया है। आशियाना पार्क भी जीर्ण-शीर्ण है। डीएम के डीपीआर भेजने के आग्रह के बावजूद छावनी परिषद ने इसकी डीपीआर नहीं भेजी। रमणीक कृत्रिम झील के लिए मोटर मार्ग दयनीय स्थिति में है। छावनी परिषद द्वारा भवन कर के बराबर पेयजल कर वसूलने से नागरिक त्रस्त हैं।पत्र में रानीखेत में ग्रीष्मोत्सव -शरदोत्सव के आयोजन ठप होने, एनसीसी मैदान खेल मंत्रालय को लीज पर हस्तांतरित न किए जाने जैसी समस्याओं का भी जिक्र है। साथ ही रानीखेत जिला निर्माण की मांग की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया है 2011में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने‌रानीखेत जिले की घोषणा की‌ थी, वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी सितंबर 2022में तत्संबंधी बयान दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि समस्याओं का निदान न होने से पर्यटन नगरी का विकास ठप है और यहां के निवासी स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। नागरिकों का यही आक्रोश आगामी लोकसभा चुनाव बहिष्कार का कारण है।

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इधर आज बुधवार को गांधी चौक में हुई रानीखेत विकास संघर्ष समिति की बैठक में लोक सभा चुनाव बहिष्कार को लेकर जन जागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि 7अप्रैल से नगर‌ में चुनाव बहिष्कार को लेकर पर्चा वितरण व हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

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बैठक में गिरीश भगत,पूरन चंद्र पांडे,एल डी पांडे, अगस्त लाल साह,खजान‌ पांडे, डॉ चारू पंत,दीपक साह, हरीश अग्रवाल,अनिल वर्मा, मुकेश साह, नाथ गोस्वामी, जयंत रौतेला आदि मौजूद रहे।

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