रानीखेत में कल एक अक्टूबर से घोषित जिले की मांग पर फिर शुरू होगा धरना-प्रदर्शन

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रानीखेत:- रानीखेत जिले की दशकों पुरानी मांग को लेकर यहां के रहवासियों ने एक बार फिर संघर्ष की राह पकड़ने का मन बना लिया है।रानीखेत में भी शुक्रवार 1 अक्टूबर से तीन अन्य घोषित जिलों के लोगों के साथ समन्वित आंदोलन करने का फैसला किया है।जिसके तहत कल से धरना कार्यक्रम करने का ऐलान किया गया है।
रानीखेत में जिला आंदोलन से जुड़े रहे नागरिकों ने कल एक अक्टूबर दोपहर 12 बजे से सुभाष चौक में बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरु करने का ऐलान किया है।अन्य तीन घोषित जिलों में भी कल 1 अक्टूबर से धरना, आमरण अनशन करने का ऐलान पहले ही हो चुका है।कहा गया है कि चारों घोषित जिले एकबद्ध और समन्वित आंदोलन के साथ जिलों के लिए वर्षों से चले आए संघर्ष को मजबूत धार देंगे।

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उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन सरकार द्वारा रानीखेत, डीडीहाट, कोटद्वार एवं यमुनोत्री को जिला घोषित किया गया था। उसके बाद से प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर घोषित जिलों की मांग की अनदेखी कर आयोग/कमेटियों के बहाने इस जनहित की मांग को लटकाया जा रहा है। जबकि इन चारों घोषित जिलों में निरंतर जिलों की मांग पर जन आंदोलन सिर उठाते रहे है।
इस सम्बन्ध में कई बार प्रदेश सरकार से चार घोषित जिलों की संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा मुलाकात कर अपनी मांग भी रखी गयी तथा विभिन्न अवसरों पर सरकार के मंत्रियों एवं मुख्यमंत्री के समक्ष भी जिले की मांग हमेशा प्रमुखता से रखी गयी परन्तु सरकार द्वारा लगातार जिलों की मांग की अवहेलना की जाती रही है। पिछले महीने भी चार घोषित जिलों की संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर चारो जिलों में एक साथ मशाल जुलूस का आयोजन किया गया था परन्तु सरकार द्वारा कोई सकारात्मक पहल न होने से चारों घोषित जिलों के निवासी बेहद निराश है। सरकार की इस उपेक्षा के कारण चार घोषित जिलों की संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कल 01 अक्टूबर 2021 शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से सुभाष चौक रानीखेत में नागरिकों ने धरना प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है।

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