जीपीजी काॅलेज मानिला में जलवायु परिवर्तन पर वेबिनार

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रानीखेत:-राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला में हरित दृष्टिकोण विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। जलवायु परिवर्तन तथा अनुकूलन के लिए आयोजित इस वेबीनार में जलवायु परिवर्तन और कोविड 19 महामारी के प्रभाव तथा चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। इस विषय पर महाविद्यालय की प्राचार्या डा. जया पांडे ने विस्तार से चर्चा की।
नेशनल ऐजुकेशन एनरिचमेंट इन विलेज (नीव) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‌इस वेबीनार में राष्ट्र स्तर के कई वक्ताओं ने विचार रखे। मुख्य वक्ता आईसीआर नई दिल्ली के प्राचार्य प्रो. शकील अहमद खान ने पर्यावरण शिक्षा द्वारा सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की जानकारी दी। इसमें उच्च शिक्षा की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। पर्यावरण विज्ञान राम मनोहर लोहिया विवि के डा. सिद्धार्थ शुक्ला ने एलनीनो तथा इसके प्रभाव पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भरत में थार के रेगिस्तान तथा तिब्बत के पठार के कारण एलनीनो का प्रभाव कम देखने को मिलता है। इंजीनियरिंग कालेज मोरबी गुजरात के डा. संजय सिंघल ने हरित भवन की अवधारणा और इसके सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यावरण स्तर के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान प्रतिभागियों के प्रश्नों के जवाब ‌देकर उन्हें संतुष्ट भी किया गया। सह संयोजक डा. शैफाली सक्सेना ने सभी का आभर जताया। यहां पीजी कालेज रामनगर के सहायक प्राध्यापक डा. योगेश चंद्र ने भी सहयोग किया। इस दौरान डा. नरेंद्र जोशी, डा. गोरखनाथ, डा. खिला कोरंगा, डा. जितेंद्र, संयोजक ट्रस्टी आफ नीव डा. उपदेश वर्मा, वेबीनार संयोजक डज्ञ. विकास दुबे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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