बजट-2022 जानें क्या बढ़, क्या घटा

ख़बर शेयर करें -

कोर बैंकिंग सिस्टम से लैस होंगे डाकघर
केंद्रीय बजट-२०२२ में इनकम टैक्स स्लैब में कोई फेरबदल नहीं हुआ। यह पहले की ही तरह चलता रहेगा, जबकि मोदी सरकार ने कॉपोरेटिव (सहकारिता) टैक्स को घटाने के साथ उस पर लगने वाला सरचार्ज को कम किया। मंगलवार को संसद में ९० मिनट के अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि पेंशन पर लगने वाले टैक्स में कर्मचारियों को छूट दी जाएगी। जहां क्रिप्टो करेंसी से होने वाली आय पर ३० फ ीसदी टैक्स चुकाना होगा। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एक नई डिजिटल करेंसी लेकर आएगा।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले आए इस बजट में सीतारमण ने कहा, यह बजट अमृत काल के अगले २५ सालों का ब्लू प्रिंट है। ६० लाख नई नौकरियों का सृजन होगा। अगले तीन साल में ४०० नई जेनरेशन की वंदे भारत ट्रेनें लाई जाएंगी। ई-चिप लगे पासपोर्ट इसी साल आएंगे। पोस्ट ऑफि सों यानी डाकघरों को कोरबैंकिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। ५जी सेवा इसी साल आएगी और गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  गुसाईं राम बने कांग्रेस एस०सी० विभाग के रानीखेत के जिलाध्यक्ष, कांग्रेस कार्यालय में हुआ स्वागत समारोह

एक नजर

कॉपोरेटिव टैक्स घटा। १८ से १५ प्रतिशत हुआ।इस पर लगने वाला सरचार्ज भी कम किया गया। पहले १२ था, अब ७ प्रतिशत।कॉपोरेटिव टैक्स की सीमा बढ़ाकर १० करोड़ रुपए हुई।पेंशन में भी टैक्स पर छूट

यह भी पढ़ें 👉  जे. एंड. जे. सिटी मोंटेसरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गनियाद्योली, रानीखेत में इंटर हाउस वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लीग चरण का समापन

२०२२: जानें क्या सस्ती हुईं और क्या हुईं महंगी
ये चीजें सस्ती हुईं?: कपड़े, चमड़े का सामान, मोबाइल, फोन चार्जर, जूते, रत्न पत्थर और हीरे के गहने, आर्टीफिशियल जूलरी, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए जरूरी रसायनों पर कस्टम ड्यूटी, स्टील स्क्रैप पर कन्सेश्नल कस्टम ड्यूटी एक साल के लिए बढ़ी। मेथनॉल के साथ कुछ रसायनों पर कस्टम ड्यूटी।

ये सामान होंगे महंगे
सभी इंपोर्टेड सामान और छातों पर ड्यूटी को बढ़ाकर २० फ ीसदी कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  गुसाईं राम बने कांग्रेस एस०सी० विभाग के रानीखेत के जिलाध्यक्ष, कांग्रेस कार्यालय में हुआ स्वागत समारोह

पीएम मोदी ने बजट को नई उम्मीदों और अवसर वाला बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ यह युवाओं के लिए उज्जवल भविष्य का मार्ग दिखाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने इस बजट को गीला पटाखा करार दिया। कहा कि इसमें कोई दम और आवाज नहीं है। इस बीच, एक्सपट्र्स भी बोले कि इस बजट से मिडिल क्लास को कुछ खास नहीं मिला। बता दें कि यह सीतारमण का चौथा और नरेंद्र मोदी सरकार का १०वां बजट है और इस बार का बजट भी कागजरहित था।

ADVERTISEMENTS Ad Ad