जी0 डी0 बिरला विद्यालय रानीखेत में शुरू हुई आठ दिवसीय ’स्वर संगम’ कार्यशाला

ख़बर शेयर करें -


रानीखेत:आज रानीखेत स्थित जी0 डी0 बिरला मैमोरियल स्कूल में आठ दिवसीय ’स्वर संगम’ कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ ।
ज्ञात हो कि 1987 से प्रारम्भ जी॰ डी॰ बिरला मैमोरियल स्कूल रानीखेत, पर्वतीय अंचल में स्थित एक आवासीय व दैनिक विद्यालय है। जो कि बालकों के लिए शिक्षा उपलब्ध करा रहा था। इस वर्ष से विद्यालय में बालिकाओं के लिए भी दाखिले खोले गए हैं। जिसका स्थानीय निवासियों को भरपूर लाभ मिल रहा है।
विद्यालय विगत अनेक वर्षों से इस विशेष कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। इस कार्यशाला के लिए विद्यालय “स्वर संगम संस्था कोलकाता” से अनुभवी व विशेषज्ञ अनुदेशकों को आमंत्रित करता है। प्रतिवर्ष लगभग 10 से 12 अनुदेशक विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में प्रशिक्षण देते हैं।
इस वर्ष विद्यालय में 9 अनुदेशक उपस्थित हैं। जो विद्यार्थियों को Canvas Painting, Calligraphy, Archery,Cooking, Dramatic, Code and Programming , Contemporary Dance में प्रशिक्षित करेंगे।
प्रातः 9.30 पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाचार्य मो0 आसिम अली ने समस्त शिक्षकों से अतिथि अनुदेशकों का परिचय करवाया । तत्पश्चात कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ।
विद्यार्थी इस कार्यशाला की प्रतीक्षा में रहते हैं। अपनी पसंद की कला का चयन कर प्रतिदिन 4 से 5 कलाओं में प्रशिक्षण प्राप्त करना विद्यार्थियों को अत्यधिक रोचक अनुभव देता है।
आठ दिन अपनी दिनचर्या से हटकर रोचक ढंग से विद्यालय में समय व्यतीत करना विद्यार्थियों को खासा पसंद आता है।
विद्यार्थी पूर्ण समर्पण से सीखते हैं एवं अन्तिम दिन अभिभावकों व अतिथियों के समक्ष प्रदर्शन कर सराहना पाते हैं।
आधुनिक युग में पुस्तकीय ज्ञान के साथ बौद्धिक विकास के लिए अनिवार्य है कि विद्यार्थी अन्य क्षेत्रों में भी विशिष्टता प्राप्त करें।
इस कार्यशाला से विद्यार्थियों के शोक व रूझान का पता चलता है एवं उन्हें अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने में भी सहयोग मिलता है।
प्रधानाचार्य मो0 आसिम अली ने स्वर संगम कार्यशाला की प्रभारी( incharge) श्रीमती मैत्री को सफलतम् कार्यक्रम हेतु शुभकामनाएँ दी एवं कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम विद्यालय में निरन्तर जारी रहेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  छावनी से मुक्ति हेतु धरना 75वें दिन जारी,समिति ने नगर हित में किसी भी तरह की अनर्गल बयानबाजी से बचने का सियासी दलों से किया अनुरोध

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *