सरकारी गल्ला विक्रेता समिति की नई कार्यकारिणी गठित, संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मांगों को लेकर सीएम को भेजा ज्ञापन

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रानीखेत: पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति की आज नई कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें राजेन्द्र सिंह मेहरा को अध्यक्ष चुना गया।तदोपरांत सरकारी गल्ला विक्रेताओं ने अपनी मांगों को लेकर संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की।
सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति की यहां सम्पन्न हुई बैठक में समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें राजेन्द्र सिंह मेहरा जैनोली अध्यक्ष,शेखर चंद्र भट्ट सोलाधार उपाध्यक्ष,राजेन्द्र सिंह बिष्ट ऐरोली कोषाध्यक्ष ,विपिन चंद्र आर्या जालली सचिव,और प्रेम नाथ रानीखेत को मीडिया प्रभारी चुना गया।बैठक में सांगठनिक एकता पर जोर दिया गया साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी गल्ला विक्रेताओं की लम्बित मांगों की अनदेखी किए जाने पर रोष जताया गया।कहा गया कि जबतक मांगें नहीं मानी जाती प्रदेश व्यापी आंदोलन जारी रहेगा और विक्रेता गोदाम से खाद्यान नहीं उठाएंगे।
बाद में सरकारी गल्ला विक्रेताओं ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जिसमें कहा गया कि चीनी में लाभांश ₹07.28प्रति कुंतल और राज्य खाद्यान योजना व दालों में लाभांश ₹18.00प्रति कुंतल है जबकि केंद्रीय खाद्यान योजना में लाभांश ₹143.00है। कहा गया कि मामूली लाभांश पर विक्रेताओं के लिए काम करना कठिन हो गया है।
ज्ञापन में विक्रेताओं का लाभांश ₹250.00प्रति कुंतल करने,प्रतिमाह मानदेय के रूप में ₹30 हजार स्वीकृत करने,विगत वर्ष पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत इस वर्ष बांटे खाद्यान बिलों का भुगतान करने,कई वर्षों से लम्बित केंद्रीय खाद्य योजना,अंत्योदय तथा अन्य योजनाओं के बिलों का भुगतान करने,प्रत्येक विक्रेता का सामूहिक बीमा योजना के तहत 10 लाख का बीमा करने की मांग की गई है।ज्ञापन में बताया गया कि 1 सितम्बर से पर्वतीय क्षेत्र के विक्रेता उपरोक्त मांगों को लेकर हड़ताल पर है मगर सरकार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाए है।यदि मांगों पर शीघ्र कार्र्वाई नहीं हुई तो समस्त सरकारी गल्ला विक्रेता सामूहिक त्यागपत्र देने को बाध्य होंगे।

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