रानीखेत में शहादत दिवस पर भगतसिंह, राजगुरु वह सुखदेव को किया गया याद, बताया आज के दिन को बेहद अहम

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रानीखेत:स्वतंत्रता संग्राम में गैर समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरू एवं सुखदेव का 92वां शहादत दिवस यहां सुभाष चौक में मनाया गया।आज ही के दिन 23 मार्च, 1931 को तीनों को अंग्रेजों ने फांसी पर लटका दिया था।

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुभाष चन्द्र बोस पार्क में शहादत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर भगत सिंह , सुखदेव वह राजगुरु की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने तीनों महापुरुषों के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज ही के दिन 1931 में अंग्रेज हुक्मरानों ने भारतीय युवा क्रांतिकारियों भगत सिंह ,शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया था। महज 23 साल की उम्र में ये नौजवान मातृभूमि पर कुर्बान हो गए थे, जिसके चलते इन्हें ‘शहीद-ए-आजम’ कहकर पुकारा जाता है।इस बलिदान के बाद पूरे देश में युवा खून आजादी पाने के लिए उबल पड़ा था।इसी कारण भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में इस दिन को बेहद अहम माना जाता है।

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कार्यक्रम में छावनी परिषद के नामित सदस्य मोहन नेगी, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष दीप भगत, शंकर दत्त बुधौडी़, पू्र्व प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी,दया सागर सती, प्रेम सिंह, मनोज मेहता, मनोज कुमार,धन सिंह, आदि अनेक लोग मौजूद रहे।

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