उपनेता प्रतिपक्ष माहरा ने कहा आशा वर्करों की मांगे विधान सभा में उठाएंगे

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रानीखेत:राजकीय कर्मचारी घोषित करने और कोविड ड्यूटी के दौरान तय मासिक भत्ते का भुगतान सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर यहां गोविदं सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में आशा वर्करों का धरना प्रदर्शन आज सोमवार के दिन भी जारी रहा।आज विधायक करन माहरा ने धरना स्थल पर पहुँचकर आशा वर्करों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि 23अगस्त से होने वाले विधान सभा सत्र में वे आशा वर्करों की मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे।
विधायक ने आशा वर्करों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि आशा वर्करों ने कोरोना काल में अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर बहुत सराहनीय कार्य किया है। विधायक माहरा ने आश्वस्त किया कि सरकार अगर इनकी जायज़ मांगें नहीं मानती है तो वे 23 अगस्त से होने वाले विधानसभा सत्र में आशा वर्करों की मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे। विधायक के साथ ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह रावत, हेमंत मेहरा, यतीश रौतेला, पंकज जोशी, सोनू सिद्दक़ी, कुलदीप कुमार, गुड्डू खान, अमन शेख़, कमल तिवारी आदि लोग उपस्थित थे।

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इधर आशा वर्करों ने कहा कि जब तक मांगों को नहीं मान लिया जाता उनका कार्यबहिष्कार जारी रहेगा।आशा वर्करों ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
बतादें,आशा वर्कर लंबे समय से राजकीय कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम मानदेय 21 हजार करने, सेवानिवृत होने पर पेंशन का प्रावधान करने, कोविड कार्य में लगी सभी आशा वर्कर्स को 10 हजार रुपये मासिक भत्ते का भुगतान करने, पचास लाख का जीवन बीमा और दस लाख का स्वास्थ्य बीमा लागू करने, कोराना डयूटी में मृत आशा वर्करों के आश्रितों को पचास लाख का बीमा और चार लाख का अनुग्रह अनुदान भुगतान करने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है।

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आशा वर्करों की मांगों का समर्थन करने धरना स्थल पर पहुंचे विधायक माहरा
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