रानीखेत शरदोत्सव की समृद्ध परंपरा,इसे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए अवरोधित करना ग़लत, सोशल एक्टिविस्ट दीपक करगेती ने सीएम को भेजा ज्ञापन

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रानीखेत : चर्चित सोशल एक्टिविस्ट दीपक करगेती ने यहां संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय टम्टा को ज्ञापन भेजकर सियासत में होम किए जा रहे प्रस्तावित रानीखेत शरदोत्सव का आयोजन करा इस उत्सव की समृद्ध ऐतिहासिक परम्परा को कायम रखने की मांग की है।

दीपक करगेती ने टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों के साथ यहां संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन से मुलाकात कर शरदोत्सव आयोजन को लेकर सीएम धामी और सांसद अजय टम्टा के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि रानीखेत में शरदोत्सव आयोजन की परम्परा बेहद समृद्ध और‌ पुरानी है पिछले‌ कोरोना काल में आयोजन स्थगित‌ रहा था इस बार शहर के जागरूक लोगों ने डीएम से मिलकर आयोजन की गुहार‌ लगाई थी तदोपरांत सेना अधिकारियों से मिलकर नर सिंह स्टेडियम की स्वीकृति भी हासिल कर ली। उम्मीद जगी थी कि लम्बे अरसे बाद शरदोत्सव आयोजन होगा और हमारी लोक संस्कृति के संवर्धन -संरक्षण को बल मिलेगा साथ ही पर्यटन व्यवसाय में भी इजाफा होगा।लेकिन स्पष्ट हो रहा है कि रानीखेत विधानसभा के जनप्रतिनिधि के दबाव में अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने के लिए रानीखेत शरदोत्सव को रुकवाने का कार्य किया गया है ।अतैव निवेदन है कि सदाशयता दिखाते हुए इस आयोजन को कराया जाए और राजनीतिक महत्वाकांक्षा की भेंट न चढ़ने दिया जाए।कहां गया कि रानीखेत शरदोत्सव कुमाऊं के आजादी पूर्व के उत्सवों में से एक है, प्रथम राष्ट्रपति डा राजेंद्र प्रसाद, पूर्व राष्ट्रपति वी वी गिरि , पूर्व गृह मंत्री गोविन्द बल्लभ पंत, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सहित देश की कई नामचीन शख्सियतें इसका उद्घाटन कर आयोजन का मान बढा़‌ चुकीं हैं ऐसे आयोजन का किसी की कुत्सित राजनीति की भेंट चढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

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ज्ञापन देने वालों में टैक्सी यूनियन से विजय रावत ,राजेश जीना टैक्सी यूनियन सचिव, करन बोहरा,कपिल सिंह कड़ाकोटी,हिमांशु कड़ाकोटी, हिमांशु,भूपेश,आदि लोग शामिल रहे।