उत्तराखंड मानव सेवा समिति द्वारा अंचल के मूर्धन्य साहित्यकारों को किया गया सम्मानित

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नई दिल्ली (प्रकृतलोक ब्यूरो)।उत्तराखंड मानव सेवा समिति दिल्ली द्वारा पहला साहित्यकार सम्मान समारोह- 2022 का आयोजन 6 नवम्बर की सायंकाल आईटीओ स्थित हिंदी भवन में किया गया जिसमें उत्तराखंड के 15 साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।

सम्मानित हुए कुमाउनी, गढ़वाली व जौनसारी, हिंदी बोली-भाषा के प्रमुख साहित्यकारों में नीलाम्बर पांडे, हेमा उनियाल, चंद्र सिंह रावत, दिनेश ध्यानी व सुरेन्द्र सिंह रावत ‘लाटा’ को साहित्य साधना सम्मान, गिरीश चंद्र बिष्ट, रमेश चंद्र घिन्डियाल, सी एम पपनैं, डाॅ देवकी सिंह केदारखंडी व डाॅ अंजलि थपलियाल को साहित्य भूषण सम्मान तथा 92 वर्षीय वरिष्ठ प्रख्यात साहित्यकार बल्लभ डोभाल के साथ-साथ पद्मश्री डाॅ श्याम सिंह शशि, प्रदीप पंत, डाॅ हरिसुमन बिष्ट व डाॅ बिहारीलाल जलन्धरी को साहित्य विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया।

सभागार में करतल ध्वनि के बीच समारोह के मुख्य अतिथि अजय चौधरी (आईपीएस) स्पेशल कमिश्नर दिल्ली पुलिस ने साहित्यकारों को शाल ओढ़ाकर स्मृति चिन्ह व चैक प्रदान कर सम्मानित किया।इस अवसर पर संस्था पदाधिकारियों क्रमशः मनवर सिंह रावत मुख्य संयोजक व पूर्व उपाध्यक्ष कुमाउनी, गढ़वाली व जौनसारी अकादमी दिल्ली सरकार, महावीर सिंह राणा कार्यक्रम संयोजक, के एल नौटियाल संस्था महासचिव बी एन शर्मा संस्था अध्यक्ष व सेवानिवृत्त भविष्य निधि मुख्य आयुक्त भारत सरकार मंचासीन रहे।सम्मान समारोह का श्रीगणेश मंचासीन अतिथि व संस्था पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया इस मौके पर मयूर पब्लिक स्कूल की छात्राओं द्वारा मनोहारी श्रीगणेश वंदना व नृत्य का प्रस्तुतीकरण किया गया।

इससे पूर्व ,मुख्य संयोजक व दिल्ली सरकार द्वारा स्थापित कुमाउनी, गढ़वाली व जौनसारी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष मनवर सिंह रावत द्वारा सम्मान समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि ,सम्मानित हो रहे साहित्यकारों व उत्तराखंड की विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों, सदस्यों तथा प्रबुद्ध जनों का स्वागत किया गया।

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ध्यातव्य है कि दिल्ली सरकार द्वारा गठित कुमाउनी, गढ़वाली व जौनसारी अकादमी के उपाध्यक्ष पद पर रहते मनवर‌सिंह रावत द्वारा दिल्ली में उत्तराखंडी प्रवासियों के मध्य उत्तराखंड की लोकसंस्कृति व बोली-भाषा के संरक्षण व संवर्धन हेतु अल्प अवधि में अनेक कार्यक्रम प्रभावशाली ढंग से आयोजन किए गए। मुख्य अतिथि आईपीएस अधिकारी दिल्ली पुलिस अजय चौधरी के प्रख्यात साहित्यकार व शिक्षाविद पिता स्व.डाॅ रामसिंह द्वारा रचित दर्जनों हिंदी व अंग्रेजी पुस्तकें प्रेरणादायी रही हैं। पिता के पद चिन्हों पर चलते वे भी लेखन से जुड़े हैं। सम्मानित हो रहे अन्य साहित्यकारो के बावत भी कार्यक्रम में मुख्य संयोजक श्री रावत ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी चयनित साहित्यकारों से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड का नाम रोशन करेगी। उन्होंने वादा किया कि साहित्य सम्मान का यह क्रम निरंतर प्रतिवर्ष जारी रहेगा। इस वर्ष छूट गए साहित्यकारों, बोली-भाषा व अन्य कला विधाओं के क्षेत्र में अग्रणीय जनों का चयन कर भविष्य में सम्मानित किया जाता रहेगा।

संस्था अध्यक्ष व सेवानिवृत्त भविष्य निधि मुख्य आयुक्त भारत सरकार, बी एन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड मानव सेवा समिति दिल्ली द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में परोपकार से जुड़े कार्य निरंतर किए जाते रहे हैं। विगत वर्षों व महीनों में गौ सेवा कार्य, सैकड़ों लोगों के आँखों के आपरेशन, देश के ख्याति प्राप्त डाक्टरों के स्वास्थ चैकअप कैंप, केदारनाथ आपदा मे सात ट्रक राहत सामग्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री राहतकोष में एक करोड़ सात लाख का चैक देकर आपदा मे मदद की गई। कोरोना महामारी के दौरान माह मार्च 2020 से ही हज़ारों की तादात में राशन किट, सेनिटाइजर, मास्क व भोजन के पैकिट इत्यादि का वितरण गरीबों, लाचारों व अभाव ग्रस्त लोगों के मध्य स्वयं जाकर किया गया। अनेक स्थानों पर लंगर लगाए गए। शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र मे अंचल के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए पहाड़ी अंचल मे नि:शुल्क कोचिंग सेंटर खोलकर मदद करने व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बढ़चढ़ कर उत्तराखंड मानव सेवा समिति दिल्ली द्वारा निरंतर कार्य किए जाते रहे हैं। भविष्य मे संस्था नई सोच व नए विचारों के साथ जनसमाज के मध्य होगी।

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सम्मान समारोह के इस अवसर पर संस्था महासचिव के एल नोटियाल द्वारा व्यक्त किया गया, वर्ष 2000 में संस्था की स्थापना धार्मिक कथा व गौ कथा के प्रचार-प्रसार के लिए की गई थी। समय व्यतीत होते उत्तराखंड मानव सेवा समिति दिल्ली द्वारा अन्य मानव सेवा क्षेत्रों मे हाथ बढ़ाया गया, निर्धनों की मदद की गई, स्वास्थ कैंप लगाए गए, सैनिटाइजर व पैड मशीने लगाई गई। तीन माह पूर्व ही साहित्यकारो के सम्मान की योजना बनाई गई थी, जिसकी प्रेरणा मनवर सिंह रावत जी से मिली थी।

आयोजन के इस अवसर पर डाॅ बिहारीलाल जलन्धरी रचित पुस्तक ‘उत्तराखंड के अनिवासी साहित्यकार’ तथा मंगतराम धस्माना रचित पुस्तक ‘मेरे नाटक मेरी कविताऐ’ का लोकार्पण मुख्य अतिथि व आयोजक संस्था पदाधिकारियो के कर कमलो सम्पन्न हुआ। मुख्य संयोजक मनवर सिंह रावत द्वारा एक कर्णप्रिय भजन का गायन किया गया। सम्मानित अति विशिष्ट साहित्यकार बल्लभ डोभाल की उपस्थिति मे उनका लिखा सन्देश मंच संचालिका डाॅ पुष्पा जोशी द्वारा पढ़ा गया। सम्मानित हुए पद्मश्री डाॅ श्याम सिंह शशि की अनुपस्थिति मे उनका सन्देश उनके शिष्य नारायण सिंह द्वारा पढ़ा गया।

साहित्यकारों के सम्मान मे आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि आईपीएस अजय चौधरी द्वारा सभी सम्मानित हुए साहित्यकारो को सम्मानित होने व भव्य आयोजन आयोजित करने हेतु आयोजकों को बधाई देकर, समस्त उत्तराखंड वासियों को 9 नवम्बर उत्तराखंड स्थापना दिवस की बधाई व उत्तराखंड आंदोलन मे शहीद हुए शहीदों को नमन कर व्यक्त किया गया, आजादी के अमृत महोत्सव पर उत्तराखंड मे जन्मे आजादी के स्वतंत्रता के नायकों का कोई मुकाबला नही था। सभी एक से बढ़ कर एक थे।

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मुख्य अतिथि द्वारा व्यक्त किया गया, सम्मानित हुए साहित्यकारो द्वारा उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के बावत बहुत ज्ञानवर्धक साहित्य लिखा गया है, रचनाऐ रची गई है, यह सब प्रेरणाजनक है। भारत यात्रा का मूल है उत्तराखंड। भारत की सीमाओ पर जान न्योछावर करने वाले उत्तराखंड के सुरमाओ की संख्या अनगिनत है। अंचल के लोग ईमानदार, कर्तव्य परायण व अपने कार्य के प्रति निष्ठावान रह कर दिल जीत जाते हैं। चुनोतीपूर्ण स्थितियों से निपटने मे माहिर रहे हैं। साहित्य की उर्वरक खान हैं। आज सम्मानित हुए सभी पन्द्रह साहित्यकारो का साहित्य रचना में बड़ा योगदान है। अंचल का साहित्य बहुतायत मे लिखा जा रहा है। उत्तराखंड की सम्रद्ध व सशक्त साहित्य परंपरा रही है जो अन्यत्र किसी की संस्कृति मे नहीं है। आज के साहित्यकारो को पढें। नए साहित्यकारो को पढें।

मुख्य अतिथि द्वारा व्यक्त किया गया, मानव सेवा समिति निरंतर जो परोपकारी कार्य कर रही है सराहनीय है, स्वागत योग्य है। अभी समिति को बडे कार्य करने हैं, प्रकाशको की नियत का अवलोकन कर साहित्यकारो की मदद करनी है। सभी सम्मानितो को बधाई व आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त कर मुख्य अतिथि द्वारा संबोधन समाप्त किया गया।

कार्यक्रम संयोजक महावीर सिंह राणा द्वारा मुख्य अतिथि, सम्मानित हुए साहित्यकारो व सभागार मे उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनो का आभार व्यक्त कर, आयोजित सम्मान समारोह के समापन की घोषणा की गई।

आयोजित सम्मान समारोह का मंच संचालन देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मान प्राप्त साहित्यकारा डाॅ पुष्पा जोशी द्वारा बखूबी किया गया।
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