यूक्रेन की लिवीव यूनिवर्सिटी में फंसे उत्तराखंड के 15 छात्र,आर्थिक हालात हुए तंग

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देहरादूनःयूक्रेन की लिवीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के हास्टल में उत्तराखंड के 15 छात्र फंसे हुए हैं। ये सभी छात्र सुरक्षित हैं। उन्होंने खाने-पीने का सामान इकट्ठा कर रखा है। ये छात्र पोलैंड और हंगरी बार्डर पर लगे जाम को खुलने का इंतजार कर रहें हैं। राहत की बात यह है कि इनकी यूनिवर्सिटी के आसपास अभी स्थिति सामान्य है। राशन व अन्य जरूरी चीजों की दुकानें भी खुली हुई हैं।

देहरादून निवासी सूर्यांश बिष्ट यूक्रेन की लिवीव मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। शनिवार को सूर्यांश ने अपने मामा रमेश कुंवर से वीडियो काल पर बातचीत की और वहां के माहौल से रूबरू कराया। रमेश कुंवर ने बताया कि फिलहाल यूक्रेन वेस्ट में स्थिति सामान्य है और वहां बाजार भी खुला है। जिससे वहां रह रहे छात्रों को खाने-पीने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि सूर्यांश के साथ उत्तराखंड के 15 और छात्र लिवीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में रह रहे हैं। जबकि 300 भारतीय छात्र इस यूनिवर्सिटी में हैं।

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इनमें से कुछ छात्र शुक्रवार को बस के माध्यम से पोलैंड बार्डर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में 21 किमी लंबे जाम में फंसने के कारण उन्हें खाने-पीने समेत अन्य कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से कुछ छात्र पैदल चलकर ही यूनिवर्सिटी के हास्टल लौट आए हैं। रमेश कुंवर ने बताया कि सूर्यांश हास्टल में ही रुके हुए हैं। रमेश कुंवर ने बताया कि सूर्यांश व उनके साथियों ने अपने खाने-पीने का स्टाक रखा हुआ है। परिवार के सदस्यों को विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने वीडियो काल कर अपनी स्थिति के बारे में बताया।

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यूक्रेन में जंग के बीच फंसे छात्रों के मुताबिक भारी बमबारी के चलते मची अफरातफरी की वजह से बड़ी संख्या में आमजन ने नकदी निकाल ली है, जिसके चलते एटीएम खाली हो गए हैं। उनके सामने कैश का संकट खड़ा हो गया है। नकदी नहीं होने की वजह से वह खाने-पीने का सामान भी नहीं ले पा रहे हैं। फिलहाल उनके पास कुछ ही दिनों के खाने-पीने का सामान बचा हुआ है।


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वेस्ट यूक्रेन में फंसे व्यक्तियों के सामने संकट इस बात का है कि लिवीव से पोलैंड की सीमा 75 किलोमीटर दूर है। ऐसे में रूसी सेना की ओर से की जा रही भारी बमबारी के बीच इतना लंबा सफर तय करना जिंदगी को जोखिम में डालने जैसा है। इसके अलावा पोलैंड व हंगरी की सीमा पर जाने वाली सड़क पर 21 किमी से अधिक लंबा जाम है और लाखों की संख्या में लोग पोलैंड की सीमा की ओर जा रहे हैं, जहां आने-जाने के साथ ही खाने-पीने का भी संकट खड़ा हो रहा है। ऐसे में लोग जहां अभी रह रहे हैं, वहीं रहकर जाम खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

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