मणिपुर में शहीद हुए उत्तराखंड के वीर सपूत बलवंत सिंह खेतवाल की हल्द्वानी में अंतिम विदाई, बलिदानी को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब

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हल्द्वानी- मणिपुर के उखरूल जिले में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा असम राइफल्स के काफिले पर किए गए कायराना आतंकी हमले में उत्तराखंड के वीर सपूत वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल शहीद हो गए। आज उनके आवास पर उनका पार्थिव शरीर पहुंचा। जहां से राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का चित्रशिला घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस हमले में असम राइफल्स के हवलदार चंद्रमोहन सिंह ने भी मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

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जानकारी के अनुसार, उखरूल जिले के मुंगशांग खोंग क्षेत्र में उग्रवादियों ने पहले असम राइफल्स के काफिले को आईईडी विस्फोट से निशाना बनाया। इसके बाद आतंकियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल और हवलदार चंद्रमोहन सिंह वीरगति को प्राप्त हुए।
शहीद बलवंत सिंह खेतवाल मूल रूप से उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के टूपेड (वन डूंगरा) गांव के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित अंबिका विहार (बकुलिया गांव) में रह रहा है।

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बलवंत सिंह खेतवाल वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के दौरान उन्होंने विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में देश की रक्षा का दायित्व निभाया। वर्तमान में वे असम राइफल्स की 40वीं बटालियन में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात थे।
अपने पीछे वे पत्नी संगीता, एक पुत्र और दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी शहादत की खबर मिलते ही परिवार, गांव और पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई।

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मुख्यमंत्री सहित राज्यपाल एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने शहीद बलवंत सिंह खेतवाल की वीरगति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रखेगा।

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