रानीखेत के चौबटिया में भारत-UAE संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘माउंटेन गार्डियन 2026’ का भव्य समापन

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  • ​14 दिनों तक चले इस अभ्यास में पर्वतीय युद्ध कला, ड्रोन तकनीक और आतंकवाद विरोधी अभियानों का हुआ कड़ा अभ्यास
  • ​भारतीय सेना की ‘भैरव बटालियन’ और UAE की ‘माउंटेन इन्फैंट्री बटालियन’ के 92 जांबाज सैनिकों ने दिखाया कौशल
  • ​महिला सैन्य अधिकारियों और लड़ाकों की सक्रिय भागीदारी रही आकर्षण का केंद्र

​रानीखेत (उत्तराखंड):भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच आपसी रक्षा सहयोग और सामरिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए, 14 दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘माउंटेन गार्डियन 2026’ (तीसरा संस्करण) का आज उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में भव्य समापन हो गया। गत 5 अक्टूबर से शुरू हुए इस द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के समापन समारोह में दोनों देशों के उच्च सैन्य अधिकारियों ने जवानों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, अनुशासन और बढ़ते सामरिक तालमेल की जमकर सराहना की।

​महिला जांबाजों ने पेश की मिसाल

​इस विशेष अभ्यास में दोनों मित्र देशों की ओर से कुल 92 सैनिकों ने भाग लिया। भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व ‘भैरव बटालियन’ ने किया, जबकि संयुक्त अरब अमीरात की ओर से ‘माउंटेन इन्फैंट्री बटालियन’ के जवानों ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास की सबसे मुख्य विशेषता दोनों देशों की महिला सैन्य अधिकारियों एवं लड़ाकों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में उत्कृष्ट नेतृत्व और युद्ध कौशल का परिचय दिया।

​आधुनिक तकनीक और पर्वतीय युद्ध कौशल पर विशेष जोर

​दो सप्ताह तक चले इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों की टुकड़ियों ने:

  • ​पर्वतीय युद्ध कौशल (Mountain Warfare) एवं रॉक क्लाइंबिंग
  • ​दुर्गम व खतरनाक रास्तों पर रेस्क्यू ऑपरेशन्स
  • ​आधुनिक ड्रोन तकनीक (Drone Operations) का इस्तेमाल
  • ​आतंकवाद विरोधी अभियानों और सामरिक रणनीति के अनुभवों का आदान-प्रदान किया।

​द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

​समापन समारोह को संबोधित करते हुए सैन्य अधिकारियों ने कहा कि ‘माउंटेन गार्डियन 2026’ के सफल आयोजन से दोनों देशों की सेनाओं की अंतर-परिचालन क्षमता (Interoperability) और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे भारत और UAE के सुरक्षा संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।

​कार्यक्रम का औपचारिक समापन दोनों देशों के राष्ट्रगान, परस्पर सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न (Mementos) भेंट करने और भविष्य में साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

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