कैंची धाम में भीषण जाम से रानीखेत पर्यटन प्रभावित, होटल व्यवसायियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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रानीखेत-होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ रानीखेत ने कैंची धाम क्षेत्र में लगातार लग रहे भीषण जाम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इसका सीधा और गंभीर असर रानीखेत के पर्यटन एवं स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा जल्द प्रभावी समाधान नहीं निकाला गया तो होटल व्यवसायियों एवं पर्यटन से जुड़े लोगों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि कैंची धाम में प्रतिदिन कई-कई घंटों तक लगने वाले जाम के कारण पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जाम की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि पर्यटक रानीखेत आने से बचने लगे हैं। इसका सीधा असर होटल व्यवसाय, स्थानीय व्यापार, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां एवं पर्यटन पर आधारित हजारों लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि रानीखेत आने वाले पर्यटकों को वाया धानाचूली-क़्वारब के रास्ते डायवर्ड किया जा रहा है जोकि लगभग 80 किलो मीटर लंबा मार्ग हो रहा है, जिससे रानीखेत में पर्यटकों की संख्या में काफी गिरावट हो गई गई, और सभी होटलों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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इसके साथ ही रानीखेत–भतरौंजखान–रामनगर मार्ग को चौड़ा एवं बेहतर बनाने की मांग भी उठाई गई। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इस मार्ग को विकसित किया जाता है तो कैंची धाम, नैनीताल एवं जिम कॉर्बेट आने-जाने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी और रानीखेत पर्यटन को भी नया विस्तार मिलेगा।

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एसोसिएशन ने कहा कि रानीखेत जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जबकि यहां की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है। यदि समय रहते सड़क एवं यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो इसका गंभीर आर्थिक प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।

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एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो होटल व्यवसायी एवं पर्यटन से जुड़े लोग जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रेस वार्ता में अध्यक्ष हिमांशु उपाध्याय, महासचिव गोविंद सिंह बिष्ट, सह-सचिव पावस जोशी, कोषाध्यक्ष अंशुल साह,सदस्य प्रभात माहरा, हरीश अग्रवाल, अरविंद साह, देवांशु साह एवं सोनू सिद्दीकी उपस्थित रहे।

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