रानीखेत में ईद-उल-अज़हा का मुक़द्दस त्योहार बेहद अकीदत, भाईचारे के साथ मनाया गया, जामा मस्जिद में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की

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रानीखेत- ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद) का मुक़द्दस त्योहार इस वर्ष बेहद अकीदत, भाईचारे और भावनात्मक माहौल के बीच मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोगों में ईद को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। नए परिधानों में बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग बड़ी संख्या में जामा मस्जिद पहुंचे और अल्लाह की इबादत में शामिल हुए।

सुबह ठीक 9:00 बजे ईद की नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के दौरान पूरा माहौल रूहानी एहसास और भाईचारे की भावना से सराबोर दिखाई दिया। पेश इमाम ने अपने बयान में ईद-उल-अज़हा के महत्व को बताते हुए कहा कि यह पर्व हमें त्याग, सब्र, इंसानियत और अल्लाह की राह में कुर्बानी देने का संदेश देता है।

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नमाज़ के बाद मुल्क की सलामती, अमन-चैन, तरक्की, आपसी भाईचारे और पूरी इंसानियत की भलाई के लिए विशेष दुआ कराई गई। साथ ही विश्व में शांति और समाज में मोहब्बत कायम रहने की कामना भी की गई।

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नमाज़ के उपरांत लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। मस्जिद परिसर में छोटे बच्चों की खुशियाँ और बुज़ुर्गों की दुआएँ ईद की रौनक को और खास बना रही थीं। लोगों ने जरूरतमंदों की मदद कर ईद के असली संदेश — प्रेम, करुणा और साझेदारी को जीवंत किया।

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पूरे रानीखेत क्षेत्र में ईद को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा तथा लोगों ने सौहार्द और एकता का संदेश देते हुए त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया।

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