रानीखेत में मां नन्दा सुनन्दा महोत्सव की तैयारियां शुरू, कदली वृक्षों को टीका चंदन व लाल -सफेद वस्त्र बांधकर अभिषेक कर किया आमंत्रित

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रानीखेत– शुक्रवार को कदली वृक्षों के चयन व आमंत्रण के साथ‌ रानीखेत में 136 वें मां नंदा-सुनंदा महोत्सव की तैयारियां तेज हो गईं। आयोजन समिति के सदस्यों ने माधवकुंज राय इस्टेट जाकर आज पूर्वाह्न समय कदली वृक्षों का टीका चंदन व लाल -सफेद वस्त्र बांधकर अभिषेक कर उन्हें आमंत्रित किया।

यहां बता दें कि कदली को स्वर्ग फल कहा जाता है जो सबसे शुद्ध पेड़ माना जाता है। इसीलिए आराध्य देवी की प्रतिमा बनाने में इसी वृक्ष के तनों व पत्तों का इस्तेमाल होता आ रहा है। पिछले कुछ वर्षों से रानीखेत में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमा स्थापना के लिए माधवकुंज राय इस्टेट निवासी विमल भट्ट के निवास परिसर से कदली वृक्ष लाए जाते रहे हैं।

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शुक्रवार को मां नन्दा -सुनंदा महोत्सव समिति सदस्यों ने माधवकुंज राय इस्टेट पहुंचकर कदली वृक्षों को विधि विधान से आमंत्रित किया। 15सितंबर की प्रातः पूजा अनुष्ठान और‌ शोभा यात्रा के साथ आमंत्रित कदली वृक्षों को मां नन्दा देवी परिसर में लाया जाएगा और प्रतिमा निर्माण का कार्य शुरू होगा। 19सितंबर को नंदाष्टमी के दिन प्रातः काल शुभ मुहूर्त में मां की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। कदली वृक्ष चयन एवं आमंत्रण हेतु मां नंदा-सुनंदा महोत्सव समिति संरक्षक हरीश लाल साह, अध्यक्ष गौरव भट्ट , महासचिव गौरव तिवारी, उपाध्यक्ष दीपक पंत, कोषाध्यक्ष मोहिल साह , अभिषेक कांडपाल,भुवन चंद्र साह, प्रमोद कांडपाल, मुकेश साह,किरन लाल साह, अनिल वर्मा,विमल भट्ट मौजूद रहे।

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