हल्द्वानी के डॉ. कमल चंद्र दानी को यूपीईएस से पीएचडी की उपाधि, वेलबोर स्थिरता पर किया शोध
हल्द्वानी-हल्द्वानी निवासी डॉ. कमल चंद्र दानी को देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ (UPES) के 23वें दीक्षांत समारोह में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उनका शोध “Highly Deviated और Horizontal Wells में Stability” असामान्य भंडारों (Unconventional Reservoirs) में क्षैतिज दिशा में ड्रिलिंग तकनीक की दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित है।

डॉ. दानी को यह उपाधि श्री गोपाल जोशी (कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख, केडीएमआईपीई, ओएनजीसी) तथा श्री आनंद रामामूर्ति (प्रबंध निदेशक, माइक्रोन इंडिया) द्वारा प्रदान की गई। यह शोध डॉ. डी.के. गुप्ता और डॉ. पुष्पा शर्मा के निर्देशन में पूरा हुआ।
डॉ. दानी के कार्य से वेलबोर स्थिरता में सुधार, क्षैतिज दिशा में ड्रिलिंग तकनीक, ड्रिलिंग संचालन के अनुकूलन और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
यूपीईएस के पूर्व छात्र डॉ. दानी के पास पेट्रोलियम इंजीनियरिंग और अपस्ट्रीम एसेट मैनेजमेंट की डिग्रियाँ हैं। उन्हें भारत, रूस, कोलंबिया, चीन और खाड़ी देशों सहित कई देशों में तेल क्षेत्र का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
अपने पिता-माता, मार्गदर्शकों, परिवार और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डॉ. दानी ने कहा कि उनका शोध कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों और कोल बेड मीथेन (CBM) जैसे असामान्य संसाधनों में अधिक कुशल ड्रिलिंग में सहायक होगा। उन्होंने भारत की सतत ऊर्जा विकास में योगदान जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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