अल्मोड़ा में प्रख्यात मानव शास्त्री डॉ कृष्णमूर्ति ने कहा ,परम्परागत चिकित्सा पद्वतियों का कोई साइड इफेक्ट नहीं
अल्मोड़ा– उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वावधान में आयोजित एक व्याख्यान में देश के प्रख्यात मानवशास्त्री डॉ कृष्णमूर्ति ने कहा कि हमारी परम्परागत चिकित्सा पद्धतियां हजारों साल से कारगर है ,आज भी परम्परागत चिकित्सा पद्धतियों का कोई साइड इफेक्ट नही है।
नगर निगम के सभागार में एक व्याख्यान को सम्बोधित करते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्वतियों में 27 हजार दवाइयां हैं जिन्हे याद रखना किसी भी चिकित्सक के लिये सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्यों -ज्यों ऐलोपैथी का विकास हो रहा है त्यों -त्यों बीमारियों में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा में चिकित्सा में लक्षण प्रमुख है जिन्हें हम कफ पित्त व वात के नाम से जानते है। उसका उपचार विविध प्रकार की वनस्पतियों से हो जाता है ।
कहा कि प्राचीन भारतीय परंपरा व्यक्ति की जीवन शैली के लिए महत्वपूर्ण है।परम्परागत चिकित्सा पद्वतियो का कोई साइड इफेक्ट नहीं ।अपने जीवन को इन परंपराओं में ढाल कर हम स्वस्थ जीवन एवं समाज का निर्माण कर सकते हैं। अपने व्याख्यान में उन्होंने व्यायाम एवं नित्य भ्रमण के महत्व को भी बताया तथा एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति एवं पारंपरिक भारतीय चिकित्सा का विशुद्ध वैज्ञानिक विश्लेषण किया। शारीरिक संरचना की विविध पक्षों को वैज्ञानिक ढंग से परीक्षित किया। शरीर में प्रोटीन के महत्व एवं भारतीय खानपान एवं अनाज में प्रोटीन की व्याख्या की।
कार्यक्रम का संचालन दयाकृष्ण काण्डपाल मे किया तथा अध्यक्षता जगजीवन बिष्ट ने की । इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ कृष्णमूर्ति का स्वागत पत्रकार यूनियन के उपाध्यक्ष गोपेश उप्रेती महासचिव दयानन्द कठैत ,कोषाध्यक्ष दिनेश भट्ट, रमेश जोशी व प्रकाश चन्द्र पाण्डे, वसुधा पन्त, उदय किरौला ने संयुक्त रूप से किया ।
कार्यक्रम को डी आर डी ओ से सेवानिवृत वरिष्ट कृषि वैज्ञानिक डॉ हेमन्त पाण्ड़ेय ने भी सम्बोधित किया ।कार्यक्रम मे डा वसुधा पन्त बाल प्रहरी के सम्पादक उदय किरौला, पूर्व स्वास्थ निदेशक डॉ जे सी दुर्गापाल, रेडक्रास के मनोज सनवाल, आर्य समाज से डॉ दिनेश चन्द्र तिवारी ,मोहन सिह रावत समेत जी जी आई सी के बच्चो व शिक्षिकाओं ने भागीदारी की ।अन्त में उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव दयानन्द कठैत अध्यक्ष जगजीवन विष्ट ने सभी उपस्थित लोगो का आभार व्यक्त किया ।


अल्मोड़ा में प्रख्यात मानव शास्त्री डॉ कृष्णमूर्ति ने कहा ,परम्परागत चिकित्सा पद्वतियों का कोई साइड इफेक्ट नहीं
रानीखेत मिशन इंटर कॉलेज में के.डी.बेलवाल मैमोरियल वॉलीबॉल प्रतियोगिता शुरू, पहले दिन केवि रानीखेत, वीर शिवा स्कूल और मिशन इंटर कॉलेज ने अपने मैच जीते