यहां स्वीकृति के 12साल बाद भी सड़क नहीं, मरीजों को डोली के सहारे लाना पड़ता है मुख्य मार्ग तक, ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान
रानीखेत -ताडी़खेत विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा चमोली – सरोली की 12साल पूर्व स्वीकृत सड़क का कार्य शुरू न होने से ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क सुविधा के अभाव में मरीजों को मुख्य मार्ग तक डोली से लाना पड़ता है। सड़क का अभाव जूझ रहे ग्रामीणों ने अब 2027विधान सभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है।
ध्यातव्य है यह सड़क सन् 2014 से स्वीकृत हुई थी मगर आज 12 साल बाद भी स्थानीय ग्रामवासी इस सड़क की बाट जोह रहे हैं । अनेक चुनाव बीत गए, विभिन्न नेताओं द्वारा कई बार सड़क निर्माण का वादा कर ग्रामीणों से वोट मांगे गए, कई बार सर्वे भी किए गए, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल जाने, किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने तथा आवश्यक सामान लाने-ले जाने में अत्यधिक परेशानी होती है। बरसात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
ये दोनों ही गांवों में सभी परिवार मुख्य रूप से खेती से जुड़े हुए है । सड़क न होने से गांवों से लगातार पलायन हो रहा है और उपजाऊ भूमि बंजर पड़ती जा रही है ।
लगातार उपेक्षा और केवल आश्वासनों से क्षेत्र की जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामवासी अब एकजुट होकर ऐलान किया है कि यदि शीघ्र ही चमोली – सरोली सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है, तो आने वाले चुनावों में क्षेत्र की जनता “रोड नहीं, तो वोट नहीं” के संकल्प के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान चमोली तारा सिंह फर्त्याल, ग्राम प्रधान सरोली दीपा आर्या ,विजय कुमार,भरत कुमार, नीरज सिंह फर्त्याल, हरीश फर्त्याल,दीपा फर्त्याल आदि अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।


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