उत्तराखंड में विवादों में घिरे रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया जाना जनभावनाओं की घोर उपेक्षा:करन माहरा

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रानीखेत-कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा ने उत्तराखंड में विवादों में घिरे रहे भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में ताजपोशी किए जाने पर भाजपा घेरते हुए कहा है कि ‘बेटी बचाओ’ का नारा देने वाली भाजपा बताए कि अंकिता के लिए न्याय की आवाज़ से ज़्यादा अहम अपने नेताओं की ताजपोशी क्यों है?

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उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में दुष्यंत गौतम को लेकर उठे गंभीर आरोपों और सवालों के बीच उन्हें सिक्किम का राज्यपाल बनाना उत्तराखंड की जनभावनाओं की घोर उपेक्षा है। आरोपों की निष्पक्ष जांच और जनता को स्पष्ट जवाब देने की मांग का उत्तर ऊँचे पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकता। भाजपा याद रखे कि राजभवन की कुर्सी जनता के सवालों को खामोश नहीं कर सकती! अंकिता के परिवार की पीड़ा राजनीतिक सुविधा के हिसाब से भुला देने का विषय नहीं है। उत्तराखंड की बेटी के सम्मान और न्याय की मांग पर सत्ता का यह अहंकार स्वीकार नहीं होगा।

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कहा कि अंकिता प्रकरण में कथित वीआईपी की भूमिका सहित प्रत्येक अनुत्तरित सवाल की निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। भाजपा सरकार बताए कि सच्चाई सामने लाने के लिए अब तक क्या ठोस कार्रवाई हुई? उत्तराखंड का स्वाभिमान सत्ता के दरबार में गिरवी नहीं रखा जा सकता। हम अंकिता के परिवार की न्याय की लड़ाई में साथ खड़े हैं और इस आवाज़ को सड़क से सदन तक उठाते रहेंगे। जवाब देना होगा, जवाबदेही तय करनी होगी!

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