रानीखेत व्यापार मंडल चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष के फैसलों पर उठाए सवाल, अध्यक्ष प्रत्याशी रहे अजय कुमार बबली ने व्यक्तिगत फैसलों को रानीखेत के व्यापारियों पर थोपने की कही बात

ख़बर शेयर करें -

रानीखेत – प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा के निर्देशानुसार नगर व्यापार मण्डल की चुनाव प्रक्रिया जुलाई माह में होगी। लेकिन इससे पहले ही प्रदेश अध्यक्ष के यहां लिए गए निर्णयों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थगित रानीखेत व्यापार मण्डल के चुनाव में अध्यक्ष पद नामांकन कर चुके और पूर्व चुनाव प्रक्रिया के दौरान आय-व्यय के ब्यौरे मे अनियमिताओं व चुनाव नियमावली के तहत चुनाव न कराये जाने आपत्ति दर्ज करा चुके अजय कुमार बबली ने प्रदेश अध्यक्ष के निर्णय को व्यक्तिगत बताते हुए पत्र लिखकर आपत्ति जताई है।

प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा को भेजे पत्र में अजय कुमार बबली ने कहा है कि रानीखेत आगमन पर आपके द्वारा न तो पुरानी चुनाव समिति से वार्ता की गई और जिन प्रत्याशियों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई थी (सभी प्रत्याशी जिन्होने नामांकन किया) किसी से बात करने की जरूरत नही समझी जिससे ऐसा प्रतीत होता है आपके द्वारा लिया गया निर्णय आपका व्यक्तिगत निर्णय है न कि प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल का निर्णय है।क्योकि आप प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल प्रदेश अध्यक्ष है और आपको सभी पक्षों की बात सुनकर निर्णय लेना चाहिए था।

यह भी पढ़ें 👉  रानीखेत से दिल्ली के लिए अतिरिक्त बस सेवा संचालित करने की मांग, युवा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन


अजय कुमार बबली ने पत्र में आगे लिखा है कि रानीखेत व्यापार मण्डल चुनाव अनियमिताओं व चुनाव नियमावली के तहत चुनाव न कराये जाने पर मेरे द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई परन्तु आपके द्वारा पूर्व कार्यकारिणी मे से केवल तीन लोगों को ही अनियमिताओं पर ही कार्यवाही की गई जबकि न्याय संगत यह है कि पुरानी कार्यकारिणी के लिये गये फैसले सामूहिक थे,जिसका प्रमाण सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों व आम बैठक में कार्यकारिणी द्वारा बताया गया कि यह फैसले सहमति से है, जिनका अंकन कार्यवाही रजिस्टर मे किया गया है।
यह कि जो चुनाव नियमावली इस चुनाव मे शामिल की गई थी इसी नियमावली से व्यापार मण्डल रानीखेत के चुनाव पूर्व मे भी हुये है।

यह भी पढ़ें 👉  रानीखेत व्यापार मंडल की स्थगित चल रही चुनाव प्रक्रिया अब अगले माह जुलाई में होगी, निवर्तमान अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष नहीं लड़ पाएंगे चुनाव


उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन समिति द्वारा निर्वाचन के प्रथम भाग में नामांकन से पूर्व जो नियमावली दी गई थी उसका पालन चुनाव समिति ने नही किया व पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया जिससे विवाद उत्पन्न हुये।
5.यह कि चुनाव प्रतिक्रिया प्रारम्भ होने पर पुरानी कार्यकारिणी से मांगे गये आय-व्यय के विवरण पर अनियमिताएं पाई गई उसके बाद चुनाव समिति व जिला व्यापार मंडल के साथ प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल ने भी अनियमिताओं की जांच अपने अपने स्तर से करवाई, मेरा यह भी कहना है उपरोक्त जांचो को सार्वजनिक किया जाये जिससे आम व्यापारी के मन मे जो व्यापार संघ के प्रति जो अविश्वास पैदा हुआ है इसके साथ ही चुनाव से सम्बन्धित जिला व्यापार मण्डल की पत्रावली जो कि प्रांतीय उद्योग व्यापार मण्डल को स्वीकृति से दी है।
क्योंकि एक व्यापार मंडल के सभी निर्णयों में या तो (कार्यकारिणी) के सभी सदस्य शामिल होंगे या नहीं होंगे इसका अर्थ ये हुआ कि प्रदेश संगठन द्वारा एक व्यापार मंडल के सिर्फ तीन सदस्यों को दोषी ठहराया गया जबकि निर्णय पूरे कोरम द्वारा लिए गए और अनियमिताएं की सभी इबारतों में उनके नाम मोटे-मोटे अक्षरों में अंकित हैं और इन सभी कार्यक्रमों में इस व्यापार मंडल के सभी सदस्यों की सहभागिता के दस्तावेज भी सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया में मौजूद हैं, या तो सभी दोषी है या तो सभी निर्दोष है।

यह भी पढ़ें 👉  रानीखेत व द्वाराहाट में मतदाता सूची डिजिटाइजेशन कार्य शत-प्रतिशत पूरा होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों व टीमों को दी बधाई

अजय कुमार बबली ने प्रदेश अध्यक्ष से निवेदन किया कि कोई भी निर्णय लेने से पूर्व सभी लोगो की बातों को सुना जाये तभी कोई निर्णय लिया जाये न कि व्यक्तिगत निर्णयो को व्यापार संघ रानीखेत के लोगो पर थोपा जाये।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad