फिर टले छावनी बोर्ड चुनाव, एक साल के लिए वैरी बोर्ड का कार्यकाल बढ़ाया गया, अधिसूचना जारी

ख़बर शेयर करें -

रानीखेत- छावनी बोर्डों का गठन एक बार फिर टाल दिया गया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना में ऐसे छावनी बोर्डों जिनकी कार्य अवधि 10फरवरी 2026को समाप्त हो रही है उनका कार्यकाल एक वर्ष या उससे अधिक बढ़ाए जाने की बात कही गई है।

बता दें कि रानीखेत सहित 56छावनी बोर्डों की कार्य अवधि 10फरवरी 2026को समाप्त हो रही है ऐसे में रक्षा मंत्रालय ने इन बोर्डों का कार्यकाल एक वर्ष या फिर उस समय तक बढ़ाने जाने की घोषणा की है जबतक कि बोर्डों का गठन उक्त अधिनियम की धारा 12के अधीन नहीं कर लिया जाता।

यह भी पढ़ें 👉  गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय, रानीखेत में डायलिसिस सेवा का हुआ भव्य शुभारंभ,एक यूनिट स्थापित

ध्यातव्य है कि लम्बे वक्त से बोर्डों के भंग होने के बाद कमान वैरी बोर्डों के अधीन है।जब तक नए चुनाव नहीं होते, तब तक प्रशासक (आमतौर पर बोर्ड अध्यक्ष और CEO) शासन संभालते हैं और एक मनोनीत पार्षद रहता है।चुनाव में देरी और प्रशासनिक बदलाव के कारण बुनियादी सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली, सफाई) को लेकर अनिश्चितता और शिकायतें बढ़ जाती हैं, जैसा कि कुछ वर्षों में देखा गया है। बोर्ड निर्वाचन में देरी के कारण बुनियादी सुविधाओं को लेकर नागरिकों की चिंताएं बढ़ी हैं।पहले माना जा रहा था कि नागरिक क्षेत्रों को पास की नगर पालिका या शहरी स्थानीय निकाय (ULB) को सौंप दिया जाएगा, जबकि सैन्य क्षेत्र सैन्य स्टेशनों के रूप में रहेंगे। लेकिन इस मामले में गतिरोध के चलते नागरिकों में साल डेढ़ साल में छावनी बोर्डों की उम्मीद जगी है।

यह भी पढ़ें 👉  पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज द्वाराहाट में विज्ञान महोत्सव का आयोजन

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad