राजकीय इंटर कॉलेज शेर में वनाग्नि जागरूकता दिवस को औण दिवस के रूप में मनाया गया

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रानीखेत – राजकीय इंटर कॉलेज शेर में वनाग्नि जागरूकता दिवस को औण दिवस के रूप में मनाया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य दीपक बिष्ट ने बताया कि इससे उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों के जंगलों में हर साल गर्मियों में होने वाली आग की घटनाओं से जल स्रोतों, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र होने पर अपूर्णनीय क्षति को बचाया जा सकता है। जलापूर्ति करने वाले गाड़ गधेरों और धारों का जल स्तर लगातार गिर रहा है, जिसका मुख्य कारण जलागम वाले क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाओं से जमीन के ऊपर की घास, वनस्पति और पेड़ों की पत्तियों के सूखने सड़ने से पैदा ह्यूमस की बेहद महत्वपूर्ण परत, जो वर्षा जल से भूजल में बदलने में महत्वूर्ण है, उसका आग से नष्ट होना है। मानव वन्य जीव संघर्ष का बढ़ाना भी जंगलों में आग लगने का कारण बन रहा है। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य सुझाव भी आग से जंगलों को बचाने के लिए दिए।

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कार्यक्रम प्रभारी मनोज जोशी द्वारा सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ को वनों को बचाने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम किए गए तथा प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती गीता गोस्वामी, प्रदीप कुमार भारती, श्रीमती रोशनी चौहान, भुवन तिवारी, श्रीमती रितु आदि उपस्थित थे।

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