कुमाऊं आयुक्त ने किया रानीखेत तहसील का निरीक्षण, तहसील न्यायालय में दायर वादों के समय पर निस्तारण न होने पर जताई नाराज़गी

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रानीखेत -कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने आज रानीखेत तहसील और उप निबंधक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय में रखे पुराने अभिलेखों की स्थिति का परीक्षण किया गया तथा अभिलेखों के सुव्यवस्थित रूप से संरक्षण की समीक्षा की गई।

तहसील न्यायालय में दायर वादों की विस्तार से समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कई प्रकरणों के लंबे समय से लंबित पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक समय से लंबित वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर 45 से 60 दिवस के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

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निरीक्षण के दौरान एक प्रकरण में फाइल पर अनावश्यक आपत्ति लगाए जाने को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने संबंधित नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

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इसके अतिरिक्त उप निबंधक कार्यालय एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने अभिलेख संधारण, जनसुनवाई व्यवस्था तथा लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र , संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित तहसील के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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