मां नंदा सुनंदा महोत्सव रानीखेत में हुई भव्य झोड़ा प्रतियोगिता, नारी शक्ति प्रथम , मातृशक्ति समूह द्वितीय और जय गोलू देवता महिला समूह खनिया तृतीय स्थान पर रहे

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रानीखेत – मां नंदा -सुनंदा सेवा समिति के तत्वावधान में लगातार चौथे वर्ष महिलाओं की पारम्परिक झोडा़ प्रतियोगिता नंदा देवी मन्दिर परिसर में संपन्न हुई। जिसमें नारी शक्ति रानीखेत ने प्रथम , शिव मंदिर मातृ शक्ति समूह ने द्वितीय और जय गोलू तृतीय स्थान प्राप्त किया।विजेता टीमों को नगद धनराशि के साथ ट्राफी प्रदान की गई। इससे पूर्व उत्तराखंडी परिधान प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य शांति उप्रेती रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य शांति मेहरा ने कहा कि महिलाओं ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से जाहिर कर दिया कि महिला शक्ति किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को घरेलू जीवन की व्यस्तता से बाहर निकल आनंद के क्षण जीने का अवसर देते हैं। विशिष्ट तौर‌ पर मौजूद पूर्व विधायक करन माहरा ने कहा कि रानीखेत में सांस्कृतिक गतिविधियां लगातार तेज हुई है।ऐसे आयोजन क्षेत्र की महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान कर रहे हैं जो कि प्रशंसनीय है।

महिलाओं की पारम्परिक झोडा़ प्रतियोगिता का आयोजन नंदा देवी मंदिर परिसर में भव्य रूप में किया गया। प्रतियोगिता इस बार भी आकर्षण के केंद्र में रही, जिसे देखने नगर सहित ग्रामीण जनता जुटी। झोड़ा प्रतियोगिता में
नारी शक्ति रानीखेत ने प्रथम शिव मंदिर मातृ शक्ति समूह ने द्वितीय और मातृ शक्ति महिला समूह ने द्वितीय और जय गोलू देवता महिला समूह खनिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।प्रथम स्थान प्राप्त टीम को मुख्य अतिथि शांति उप्रेती ने पन्द्रह हजार की इनामी राशि और ट्राफी प्रदान की जबकि द्वितीय आई टीम को पूर्व विधायक करन माहरा ने 7,500रुपया इनामी राशि और ट्राफी तथा तृतीय आईं टीम को विशिष्ट अतिथि गोपाल दत्त उप्रेती ने 5,500 रुपए व ट्राफी प्रदान की।इनामी राशि पूर्व की तरह समिति अध्यक्ष अंशुल साह ने अपने स्वर्गीय पिता किशन लाल साह व माता ज्योति साह की स्मृति में घोषित की हुई है. इसके अलावा सभी टीमों को सांस्कृतिक समिति सदस्यों ने विशेष पुरस्कार प्रदान किए । प्रतियोगिता के निर्णायक अल्मोड़ा से आमंत्रित लोक कर्मी बाल साहित्यकार उदय किरौला और संस्कृतिकर्मी नारायण सिंह थापा रहे। सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रतिभागी महिलाओं को लोक संस्कृति की नृत्य विधाओं के बारे में बताया।
इससे पूर्व ज्योति साह, पूर्व समिति अध्यक्ष गौरव भट्ट और संरक्षक हरीश लाल साह , प्रायोजक -अंशुल साह ने अतिथियों का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।सांस्कृतिक संयोजक विमल सती ने निर्णायकों को मंगल वस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया।
निर्णायकों ने बाद में प्रतिभागी महिलाओं को झोड़ा, चांचरी की जानकारी दी और उनकी प्रस्तुतियों की समीक्षा की। इससे पूर्व महिलाओं व छात्राओं की उत्तराखंड की पारम्परिक वेशभूषा प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें मुख्य अतिथि प्रभात रावत ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम का संचालन महासचिव गौरव तिवारी ने किया।

इस अवसर पर मां नंदा-सुनंदा सेवा समिति के राजेन्द्र पंत, उपाध्यक्ष दीपक पंत,अभिषेक कांडपाल, परमवीर मेहरा, सोनू सिद्दीकी,ललित नेगी, रामेश्वर गोयल आदि मौजूद रहे।

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