बीरशिवा स्कूल रानीखेत में गुजरात से आईं प्रो निष्ठा देसाई ने विद्यार्थियों को कथक नृत्य की फायदे बताए

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रानीखेत – बीरशिवा स्कूल रानीखेत में गुजरात के जूनागढ़ से आईं कथक प्रशिक्षक प्रोफेसर निष्ठा देसाई ने विद्यार्थियों को कथक नृत्य के फायदे बताते हुए कहा कि कथक नृत्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक संपूर्ण दवा है।

 उन्होंने कहा कि कथक नृत्य एकाग्रता,तनाव मुक्ति और आत्मविश्वास में ‌वृद्धि करता है।कहा कि यह नृत्य आत्म-अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है जो शरीर और मन में न‌ सिर्फ संतुलन स्थापित करता है अपितु स्मृति को भी बढ़ाता है।बता दें कि प्रो देसाई सांस्कृतिक समिति रानीखेत के आमंत्रण पर इन दिनों रानीखेत में महिलाओं और बच्चों को कथक नृत्य का अभ्यास कराने आईं हैं।

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उन्होंने विद्यार्थियों के साथ शास्त्रीय नृत्य कथक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कहा बच्चों को अध्ययन के साथ-साथ नृत्य कला से भी जुड़ना चाहिए जिससे उनके जीवन को एक नई दिशा मिल सके और वे केवल एक ही क्षेत्र में नहीं बल्कि अपनी रुचि के अनुसार अपने भविष्य की मजबूत नींव खड़ी कर सकें। इसी के साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों की आजकल की मोबाइल फोन की आदतों से ध्यान हटाकर अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही।

प्रो देसाई ने विद्यार्थियों को कथक नृत्य में तीन ताल का अभ्यास कराया। बताया तीन ताल कथक में सबसे लोकप्रिय और मूलभूत ताल है, जिसमें 16 मात्राएँ, 4 विभाग और प्रत्येक विभाग में 4 मात्राएँ होती हैं। यह 1, 5, 13 पर ताली और 9वीं मात्रा पर खाली के साथ ‘धा धिन धिन धा’ बोलों पर चलती है। इसका उपयोग अक्सर कथक में शुरुआत, तत्कार (फुटवर्क) और बोलों के अभ्यास के लिए किया जाता है।

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ज्ञातव्य है प्रोफेसर निष्ठा देसाई जूनागढ़ (गुजरात), के एक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा केन्द्र में शिक्षाविद रहीं हैं। जिनका व्यक्तित्व शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा का बहुत ही खूबसूरत संगम है। वे न केवल एक समर्पित प्राध्यापिका रहीं हैं, अपितु एक प्रतिभाशाली थिएटर आर्टिस्ट और शास्त्रीय नृत्यांगना भी हैं, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सजीव रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। पिछले एक साल से वे रानीखेत में बच्चों , महिलाओं को सांस्कृतिक समिति रानीखेत के सहयोग से कथक अभ्यास कराकर उनमें सकारात्मक बदलाव लाने का प्रशंसनीय कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक तिलक राज तलवार, निरुपमा भट्ट तलवार, अध्यक्ष नीरूपेंद्र तलवार और मुस्कान तलवार, निदेशक प्रीति पांडे, उपप्रधानाचार्य राहुल शर्मा और कॉर्डिनेटर सुश्री प्रियंका ने प्रोफेसर निष्ठा देसाई के महान व्यक्तित्व और कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही विद्यार्थियों की कथक नृत्य के प्रति रुचि को जागरूक करने का आग्रह किया।

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