ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव और प्रोफेसर अनिल जोशी द्वारा संयुक्त रूप से लिखित पुस्तक “वीरता की विजय- द्वितीय: कुमाऊं और नागा रेजिमेंट का आधुनिक इतिहास” का लोकार्पण
रानीखेत: सेना के दीवान सिंह हॉल में वीरता की विजय- द्वितीय: कुमाऊं और नागा रेजिमेंट का आधुनिक इतिहास(Valour Triumphs- II : A Modern History of Kumaon and Naga Regiment) का लोकार्पण लेफ्टिनेंट जनरल राम चंद्र तिवारी,PVSM,UYSM,AVSM,SM,जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ़,पूर्वी कमान तथा कर्नल ऑफ दि कुमाऊं तथा नागा रेजिमेंट के कर कमलों से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर नव नियुक्त कर्नल ऑफ दि कुमाऊं तथा नागा रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई,SYSM,UYSM,AVSM,SM***, डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटजी)भी उपस्थित रहे ।
ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव,VSM, सेंटर कमांडेंट, कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर, रानीखेत तथा प्रोफेसर अनिल जोशी द्वारा संयुक्त रूप से लिखित यह पुस्तक पिछले पचास वर्षों में कुमाऊं रेजिमेंट की उपलब्धियों का एक सफरनामा है।
यह मात्र एक सैन्य इतिहास नहीं है बल्कि कुमाऊं के इतिहास,भूगोल,पशु पक्षी,वनस्पति,कला एवं संस्कृति,धार्मिक आस्थाएं,रीति रिवाज आदि की पृष्ठभूमि में कुमाऊं रेजिमेंट के विकास को दर्शाने वाला एक प्रामाणिक दस्तावेज है।
विगत पचास वर्षों में ना केवल कुमाऊं रेजिमेंट के आकार तथा विस्तार में वृद्धि हुई है अपितु उसके दायित्वों का दायरा भी बहुआयामी हो गया है।
देश की सीमाओं की सुरक्षा के अतिरिक्त आतंकवाद के उन्मूलन एवं प्राकृतिक आपदाओं में स्थानीय प्रशासन की सहायता करने में कुमाऊं रेजिमेंट की बटालियनों का उल्लेखनीय योगदान रहा है जिसका विस्तृत विवरण पुस्तक में है।
कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर द्वारा किए गए विविध कल्याणकारी कार्यों तथा क्रीड़ा के क्षेत्र में रेजिमेंट के जवानों की उपलब्धियों का लेखा जोखा सम्मिलित है।
रेजिमेंट को प्राप्त विभिन्न अलंकरणों एवं पुरस्कारों तथा स्थापना से लेकर अब तक के समस्त कर्नल ऑफ दि रेजीमेंट,सेंटर कमांडेंट, कमान अधिकारियों तथा सूबेदार मेजरों की सूची भी संलग्न हैं।
आशा की जाती है कि यह पुस्तक कुमाऊं रेजिमेंट के गौरवशाली अतीत के विषय में जनता को जागरूक करेगी तथा कुमाऊं की युवा पीढ़ी को सेना में सेवा देने हेतु प्रेरित करेगी।


सीमांत मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल, रानीखेत में हरेला पर्व पर वृहद रुप से वृक्ष पौधों का किया गया रोपण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रानीखेत के तत्वावधान में हैड़ाखान मंदिर परिसर में हुआ वृहद वृक्ष पौंधारोपण,सौ से अधिक वृक्ष पौंध रोपे गए