सांस्कृतिक समिति रानीखेत की ऐपण कार्यशाला में महिलाओं व‌ विद्यार्थियों ने सीखीं पारम्परिक ऐपण कला की बारीकियां

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रानीखेत – सांस्कृतिक समिति रानीखेत द्वारा कुमाऊं की पारम्परिक लोक कला ऐपण का महिलाओं और छात्र ‌छात्राओं को प्रशिक्षण देने हेतु छावनी इंटर कॉलेज सभागार में ऐपण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रशिक्षिका श्रीमती ज्योति साह ने प्रशिक्षार्थियों को ऐपण लोककला की बारीकियों से अवगत कराया।
इससे पूर्व ऐपण प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष विमल सती ने‌ कहा कि वर्तमान में व्यवसायिकता के दौर में बाजार में आधुनिक चित्रकारी को ऐपण के‌ नाम पर परोसा जा रहा है और हमारी पारम्परिक एवं अधिष्ठानिक ऐपण लोक कला विलुप्त हो रही है। इस लोक कला के संरक्षण और नई पीढ़ी में रूचि पैदा करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि यह एक गहरी सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक कला है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है। 

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प्रशिक्षिका श्रीमती ज्योति साह‌ ने कहा कि ऐपण कला घर की बुजुर्ग महिलाएं द्वारा अपनी आगत पीढ़ी को हस्तगत करने की परम्परा रही है मुझे भी यह कला बुजुर्ग महिलाओं से प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि ऐपण का डिजाइन ज्यामितीय पैटर्न पर आधारित है। इसमें बिंदु ब्रह्मांड के केंद्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, और पैटर्न देवी-देवताओं और प्राकृतिक तत्वों से प्रेरित होता है। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को धार्मिक अनुष्ठानों में परम्परा से चली आ रही पांच चौकी बनाने का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का समापन कल‌ रविवार को होगा।

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इस‌ अवसर पर सांस्कृतिक समिति के संरक्षक हरीश लाल साह, दीपक पंत, परमवीर मेहरा, सोनू सिद्दीकी ,गौरव‌ भट्ट आदि मौजूद रहे।

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