उत्तराखंड की अमूल्य वनस्पति धरोहर पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन को सौंपी गई; साह परिवार ने दादा की ऐतिहासिक हर्बेरियम संपदा दान की
रानीखेत: कुमाऊं और गढ़वाल के विविध हिमालयी क्षेत्रों से संकलित ऐतिहासिक एवं दुर्लभ हर्बेरियम संग्रह को अब पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट, हरिद्वार में सुरक्षित रखा जाएगा। प्रसिद्ध वनस्पति शास्त्री स्वर्गीय रामलाल साह द्वारा दशकों की मेहनत से तैयार एवं पिता स्वर्गीय उमेश चंद्र साह द्वारा संरक्षित किए गए इस अमूल्य संग्रह को उनके पौत्र मुकेश चंद्र साह ने संरक्षण और उच्च स्तरीय अनुसंधान के उद्देश्य से संस्थान को दान कर दिया है।
10 सितंबर को पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन की ओर से पहुंचे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. भास्कर जोशी एवं डॉ. अमित कुमार ने रानीखेत में रामजी हरबेरियम 282-जरुरी बाजार स्थित आवास से इस ऐतिहासिक हर्बेरियम संग्रह को औपचारिक रूप से प्राप्त किया।
मुकेश चंद्र साह ने बताया कि उनके दादा स्व. रामलाल साह और पिता स्व. उमेश चंद्र साह ने उत्तराखंड के सुदूर कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्रों का भ्रमण कर वनस्पतियों के गहन अध्ययन के लिए इन पौधों के नमूनों को सहेजा था।पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन के वनस्पति विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक अब इस संग्रह के माध्यम से हिमालयी जड़ी-बूटियों पर नए शोध और अध्ययन कर सकेंगे।
यह पहल उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता और प्राचीन वनस्पति ज्ञान को आने वाली पीढ़ियों और शोधकर्ताओं के लिए जीवित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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